चंडीगढ़: पंजाब के कैबिनेट मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने बुधवार को शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) पर कड़ा हमला बोलते हुए कहा कि श्री अकाल तख्त साहिब के पूर्व जत्थेदार ज्ञानी रघबीर सिंह द्वारा लगाए गए आरोप बेहद सनसनीखेज हैं।
बैंस ने कहा कि यह केवल आरोप नहीं, बल्कि सिखों की सर्वोच्च संस्था के पतन का जीवंत प्रमाण हैं, जिसे अब एक विशेष परिवार की निजी जागीर बना दिया गया है। उन्होंने कहा कि ज्ञानी रघबीर सिंह द्वारा गुरु घर की जमीनों को बेचे जाने और बेशकीमती धार्मिक ग्रंथों के गायब होने जैसे जो खुलासे किए गए हैं, उन्होंने पूरी दुनिया में बैठी सिख संगत को झकझोर कर रख दिया है। यह शर्मनाक है कि जिस संस्था का काम कौम के हितों की रक्षा करना था, वह आज केवल एक परिवार की जी-हुजूरी और उनके राजनीतिक हितों को साधने का अड्डा बनकर रह गई है।
उन्होंने कहा कि जब कोई आम व्यक्ति नहीं, बल्कि श्री दरबार साहिब के हेड ग्रंथी जैसी सम्मानित शख्सियत भ्रष्टाचार और भाई-भतीजावाद पर सवाल उठाती है, तो स्पष्ट हो जाता है कि पानी सिर से ऊपर निकल चुका है। एसजीपीसी आज सिख कौम की आवाज बनने के बजाय ‘बादल परिवार’ के रिमोट कंट्रोल से चल रही है। कौम की संपत्ति को निजी तिजोरियों में बदलने की कोशिशों को अब और बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
उन्होंने मांग की कि इन सभी गंभीर आरोपों की एक उच्च स्तरीय और निष्पक्ष जांच होनी चाहिए ताकि संगत के सामने दूध का दूध और पानी का पानी हो सके। उन्होंने मांग की कि एसजीपीसी को एक परिवार के कब्जे से मुक्त करवाया जाना चाहिए ताकि यह संस्था दोबारा अपने गौरवमयी इतिहास के अनुरूप पूरी सिख कौम की भलाई के लिए काम कर सके।
