चंडीगढ़। हरियाणा सरकार ने प्रदेश में जल संरक्षण को बढ़ावा देने और खेती को टिकाऊ बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। राज्यस्तरीय स्वीकृति समिति (SLSC) ने 402.41 करोड़ रुपये की लागत वाली ‘सौर ऊर्जा आधारित एकीकृत सूक्ष्म सिंचाई परियोजनाओं’ को मंजूरी दे दी है।
मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी की अध्यक्षता में हुई अहम बैठक में ‘सूक्ष्म सिंचाई एवं कमान एरिया विकास प्राधिकरण’ (MICADA) के तहत चार महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट्स को स्वीकृति दी गई।
परियोजना की मुख्य विशेषताएं और लाभ
यह परियोजना कृषि क्षेत्र में तकनीक और ऊर्जा के मेल का एक बेहतरीन उदाहरण है:
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क्षेत्र: यह परियोजना भिवानी, झज्जर, कुरुक्षेत्र और महेंद्रगढ़ जिलों के 20 ब्लॉकों में स्थित 61 नहरी आउटलेट्स पर लागू की जाएगी।
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दायरा: इसके जरिए 11,040 हेक्टेयर कृषि योग्य कमान क्षेत्र को आधुनिक ड्रिप (टपक सिंचाई) और स्प्रिंकलर (फव्वारा) सिस्टम से जोड़ा जाएगा।
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लाभार्थी: 94 गांवों के लगभग 8,926 किसान इस योजना से सीधे लाभान्वित होंगे।
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समय सीमा: इन परियोजनाओं को वर्ष 2026-27 से 2028-29 के बीच चरणबद्ध तरीके से पूरा किया जाएगा।
जिलावार आवंटित बजट का विवरण
किस जिले को कितनी राशि मिली, इसका ब्यौरा नीचे दी गई तालिका में है:
| जिला | आवंटित राशि (करोड़ में) |
| महेंद्रगढ़ | 114.78 करोड़ रुपये |
| झज्जर | 114.68 करोड़ रुपये |
| भिवानी | 95.78 करोड़ रुपये |
| कुरुक्षेत्र | 77.17 करोड़ रुपये |
क्यों खास है यह कदम?
सौर ऊर्जा पर आधारित होने के कारण इन परियोजनाओं से न केवल बिजली की बचत होगी, बल्कि सिंचाई के लिए पानी का भी अधिकतम और सही उपयोग सुनिश्चित हो सकेगा। यह कदम गिरते भू-जल स्तर को रोकने और किसानों की आय बढ़ाने में मील का पत्थर साबित होगा।
