जब सलाखों के पीछे बेबस हुईं संदीपा विर्क: “माता-पिता को जेल में देख खुद से नफरत होने लगती थी

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Entertainment Desk: एक्ट्रेस और इन्फ्लुएंसर संदीपा विर्क ने हाल ही में तिहाड़ जेल में बिताए अपने खौफनाक दिनों का दर्द साझा किया है। करीब 6 करोड़ रुपये के मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ईडी (ED) द्वारा गिरफ्तार की गई संदीपा को चार महीने से अधिक समय सलाखों के पीछे बिताना पड़ा था। सिमरन जोत मक्कर के साथ बातचीत में उन्होंने बताया कि वह दौर उनके जीवन का सबसे बुरा सपना था।

“मौत की दुआ मांगती थी”

जेल के दिनों को याद करते हुए संदीपा फूट-फूट कर रो पड़ीं। उन्होंने कहा कि तिहाड़ एक ऐसी जगह है जहां वह अपने दुश्मनों को भी भेजने की कामना नहीं करेंगी। संदीपा ने भावुक होकर बताया, “मैं भगवान से पूछती थी कि मैंने ऐसा क्या किया है? मैं अपने लिए मौत की दुआ मांगती थी ताकि इस दर्द से छुटकारा मिल सके।”

माता-पिता को देख कर टूट जाती थीं

संदीपा के मुताबिक, जेल में उनके लिए सबसे कष्टदायक पल वह होता था जब उनके बुजुर्ग माता-पिता उनसे मिलने आते थे। उन्होंने कहा:

  • गिल्ट का अहसास: मुझे बहुत बुरा लगता था कि मेरी वजह से मेरे माता-पिता को जेल के चक्कर काटने पड़ रहे हैं।

  • परिवार का साथ: इस मुश्किल घड़ी में उनके माता-पिता और भाई-बहन उनके साथ मजबूती से खड़े रहे।

जेल की बदतर स्थिति और खराब सेहत

संदीपा ने जेल के अंदर की दयनीय स्थिति का भी खुलासा किया:

  • शारीरिक हालत: खराब खाने और वहां के माहौल की वजह से उनकी सेहत इतनी गिर गई थी कि वह बिना सहारे के खड़ी भी नहीं हो पा रही थीं।

  • बुनियादी सुविधाएं: उन्होंने बताया कि कैदियों को जमीन पर सोना पड़ता है, वॉशरूम बहुत गंदे होते हैं और खाना खाने लायक नहीं होता।

  • पुलिस का व्यवहार: उन्होंने बताया कि कुछ महिला पुलिसकर्मी दयालु थीं, लेकिन कुछ कैदियों पर बेवजह अपना गुस्सा निकालती थीं।

कर्मों पर विश्वास

संदीपा ने कहा कि वह कर्मों में विश्वास करती हैं। उन्हें लगता है कि शायद यह उनके पिछले जन्म के कर्म थे या इस जन्म में अनजाने में हुई कोई गलती, जिसकी सजा उन्हें भुगतनी पड़ी। उन्होंने यह भी कहा कि वह वहां जाना डिजर्व नहीं करती थीं।

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