पोस्ट मैट्रिक स्कॉलरशिप योजना के माध्यम से पंजाब के अनुसूचित जाति विद्यार्थियों को मिल रहा बड़ा सहारा: डॉ. बलजीत कौर

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 चंडीगढ़: पंजाब विधानसभा के चल रहे सत्र के दौरान पायल विधानसभा क्षेत्र से विधायक सरदार मनविंदर सिंह द्वारा पूछे गए प्रश्न के उत्तर में सामाजिक न्याय, अधिकारिता एवं अल्पसंख्यक मामलों की मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने बताया कि पंजाब में अनुसूचित जाति के विद्यार्थियों के लिए पोस्ट मैट्रिक स्कॉलरशिप योजना केंद्र और राज्य सरकार के 60:40 साझेदारी मॉडल के तहत लागू की जा रही है।

कैबिनेट मंत्री ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए पंजाब सरकार ने अपना 40 प्रतिशत हिस्सा जारी करते हुए ₹196 करोड़ की राशि उपलब्ध करवाई है, जिससे 1,65,328 विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति का लाभ मिल रहा है, ताकि अनुसूचित जाति के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा जारी रखने में आर्थिक सहायता मिल सके।

डॉ. बलजीत कौर ने आगे जानकारी देते हुए कहा कि वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान डॉ. भीमराव अंबेडकर स्कॉलरशिप पोर्टल पर अब तक 2.72 लाख से अधिक अनुसूचित जाति के विद्यार्थियों द्वारा आवेदन किए जा चुके हैं, जो इस योजना के प्रति विद्यार्थियों के बढ़ते विश्वास और जागरूकता को दर्शाता है।

योजना के तहत पिछले वर्षों में सत्यापित लाभार्थियों की संख्या साझा करते हुए मंत्री ने बताया कि वर्ष 2020-21 में 1,76,482, 2021-22 में 1,95,156, 2022-23 में 2,26,427, 2023-24 में 2,14,558 और 2024-25 में 2,37,456 अनुसूचित जाति विद्यार्थियों के आवेदन सत्यापित किए गए हैं।

मंत्री ने बताया कि वर्ष 2025-26 के दौरान इस योजना के अंतर्गत लगभग 2.70 लाख विद्यार्थियों को लाभ पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जो अनुसूचित जाति के विद्यार्थियों के लिए शिक्षा के अवसरों को और अधिक विस्तारित करने के लिए पंजाब सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

डॉ. बलजीत कौर ने कहा कि यह योजना समाज के पिछड़े वर्गों से संबंधित विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा प्राप्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है और उन्हें अपने सपनों को साकार करने के लिए मजबूत अवसर प्रदान कर रही है।

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