Punjab Desk: डिब्रूगढ़ जेल में बंद सांसद अमृतपाल सिंह की मुश्किलें कम होती नजर नहीं आ रही हैं। हालांकि, उन पर लगाया गया NSA (राष्ट्रीय सुरक्षा कानून) 22 अप्रैल को समाप्त हो गया है, लेकिन अजनाला थाने पर हुए हमले के मामले में पंजाब पुलिस अब कड़ी कार्रवाई की तैयारी में है।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए होगी पेशी
अमृतपाल सिंह के वकील एडवोकेट रितुराज सिंह ने पुष्टि की है कि अजनाला थाने से संबंधित FIR नंबर 39 के तहत कानूनी प्रक्रिया जारी है। इस मामले में उन पर धारा 307 (हत्या का प्रयास) समेत कई अन्य गंभीर आरोप लगे हैं। इसी केस के सिलसिले में आज अमृतपाल सिंह को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अदालत के समक्ष पेश किया जाएगा।
पुलिस रिमांड की तैयारी
पंजाब पुलिस की एक विशेष टीम 21 अप्रैल को ही डिब्रूगढ़ पहुंच चुकी थी। आज होने वाली सुनवाई के दौरान पुलिस अदालत से अमृतपाल सिंह के रिमांड की मांग करेगी। पुलिस का तर्क है कि अजनाला मामले की गहराई से जांच करने और इस हिंसा के पीछे की साजिश का पर्दाफाश करने के लिए अमृतपाल से पूछताछ करना अनिवार्य है।
क्या था अजनाला मामला?
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फरवरी 2023: अमृतपाल सिंह और उनके समर्थकों ने अपने एक साथी की रिहाई की मांग को लेकर अजनाला पुलिस थाने पर धावा बोल दिया था।
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हिंसा: प्रदर्शनकारियों ने पुलिस बैरिकेड्स तोड़ दिए थे, जिसके परिणामस्वरूप पुलिस और समर्थकों के बीच हिंसक झड़प हुई थी।
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गिरफ्तारी: इस घटना के बाद काफी समय तक फरार रहने के बाद, अप्रैल 2023 में अमृतपाल सिंह को मोगा के रोडे गांव से गिरफ्तार किया गया था और तब से वे असम की डिब्रूगढ़ जेल में बंद हैं।