चंडीगढ़: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की अध्यक्षता में हुई पंजाब मंत्रिमंडल की बैठक में जन कल्याण और राज्य की वित्तीय मजबूती को लेकर कई बड़े फैसलों पर मुहर लगाई गई है। सरकार ने राज्य के इतिहास के सबसे बड़े खाद्य सुरक्षा कार्यक्रम को मंजूरी देने के साथ-साथ आगामी बजट सत्र की तारीखों का भी ऐलान कर दिया है।
1. ‘पंजाब सरकार खाद्य कार्यक्रम’ को मंजूरी
सरकार ने राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) के तहत आने वाले 40 लाख परिवारों के लिए विशेष राहत की घोषणा की है। अब इन लाभार्थियों को केवल गेहूं ही नहीं, बल्कि दाल, चीनी, तेल और नमक भी उपलब्ध कराया जाएगा।
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लक्ष्य: समाज के पिछड़े और कमजोर वर्गों को पौष्टिक भोजन सुनिश्चित करना।
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शुरुआत: अप्रैल महीने से इस सुदृढ़ वितरण प्रणाली को लागू किया जाएगा।
2. आबकारी नीति और राजस्व में भारी बढ़ोतरी
वर्ष 2026-27 के लिए नई आबकारी नीति को मंजूरी दी गई है, जिसमें 12,800 करोड़ रुपये के राजस्व संग्रह का लक्ष्य रखा गया है।
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यह पिछले वर्ष के मुकाबले 12.5% (1,600 करोड़ रुपये) अधिक है।
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सरकार का अनुमान है कि अगले पांच वर्षों में राजस्व संग्रह दोगुना हो जाएगा, जिससे जन कल्याण योजनाओं को और मजबूती मिलेगी।
3. बजट सत्र की घोषणा (6 से 16 मार्च)
पंजाब की 16वीं विधानसभा का बजट सत्र 6 मार्च से 16 मार्च तक आयोजित किया जाएगा।
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6 मार्च: राज्यपाल का अभिभाषण।
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8 मार्च: वित्त मंत्री द्वारा वर्ष 2026-27 का राज्य बजट पेश किया जाएगा।
4. किसानों और सरकारी विभागों के लिए राहत
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बाढ़ प्रभावित किसानों को मुआवजा: वर्ष 2025 की बाढ़ से प्रभावित उन किसानों को भी एकमुश्त मुआवजा दिया जाएगा जो सरकारी भूमि पर खेती कर रहे हैं। इसकी पुष्टि सरपंच, नंबरदार और पटवारी की समिति करेगी।
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ओ.टी.एस. योजना का विस्तार: सरकारी विभागों और सार्वजनिक संस्थानों के लिए एकमुश्त निपटान योजना (OTS) की अवधि को बढ़ाकर 30 जून, 2026 तक कर दिया गया है।
5. स्वास्थ्य क्षेत्र में सुधार और नियुक्तियां
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स्टाफ नर्सों की भर्ती: स्वास्थ्य विभाग में स्टाफ नर्सों के 361 रिक्त पदों को बहाल कर भरने की मंजूरी दी गई है। यह भर्ती बाबा फरीद यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेज, फरीदकोट के माध्यम से होगी।
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कोविड वालंटियरों को वरीयता: महामारी के दौरान सेवा देने वाले वालंटियरों को ग्रुप-सी और डी की भर्तियों में आयु सीमा में छूट और अतिरिक्त अंक दिए जाएंगे।
6. सुरक्षा और प्रशासनिक सुधार
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इनाम नीति: वांछित अपराधियों को पकड़ने के लिए एक पारदर्शी ‘इनाम नीति’ को मंजूरी दी गई है, ताकि सूचना देने वालों को प्रोत्साहित किया जा सके।
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योजना बोर्ड का विस्तार: आर्थिक नीति एवं योजना बोर्ड में वाइस-चेयरपर्सनों के दो नए पद सृजित किए गए हैं (अब कुल 5), जिससे जिला स्तर पर योजनाओं की बेहतर निगरानी हो सकेगी।
