केजरीवाल और सिसोदिया को बड़ी राहत, CBI को झटका! हाई कोर्ट ने डिस्चार्ज ऑर्डर पर रोक से किया इनकार

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नई दिल्ली: दिल्ली शराब घोटाला मामले में पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया सहित सभी 23 आरोपियों को एक बार फिर बड़ी राहत मिली है। दिल्ली हाई कोर्ट ने सोमवार को निचली अदालत के उस फैसले पर रोक लगाने से साफ इनकार कर दिया है, जिसमें इन सभी नेताओं को आरोप मुक्त (डिस्चार्ज) कर दिया गया था। सीबीआई ने निचली अदालत के इस बड़े फैसले को हाई कोर्ट में चुनौती दी थी और इस पर तत्काल रोक लगाने की मांग की थी, जिसे अदालत ने फिलहाल ठुकरा दिया है।

सोमवार को हुई इस अहम सुनवाई के दौरान सीबीआई की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता अदालत में पेश हुए और उन्होंने जांच एजेंसी का मजबूती से पक्ष रखा। उन्होंने अदालत को बताया कि शराब घोटाले की जांच बेहद वैज्ञानिक तरीके से की गई है और दिल्ली की आबकारी नीति में जानबूझकर हेरफेर किया गया था। सॉलिसिटर जनरल ने दावा किया कि गवाहों ने धारा 164 के तहत मजिस्ट्रेट के सामने बिना किसी दबाव के अपने बयान दर्ज करवाए हैं। इन बयानों में विस्तार से बताया गया है कि कैसे यह पूरी साजिश रची गई और कैसे रिश्वत का पैसा हवाला लेनदेन के जरिए एक हाथ से दूसरे हाथ तक पहुंचा।

भले ही हाई कोर्ट ने फिलहाल निचली अदालत के डिस्चार्ज ऑर्डर पर रोक लगाने से इनकार कर दिया हो, लेकिन जांच एजेंसी को एक छोटी राहत जरूर दी है। कोर्ट ने निचली अदालत द्वारा सीबीआई और उसके अधिकारियों के खिलाफ की गई तीखी टिप्पणियों पर तुरंत प्रभाव से रोक लगा दी है। इसके अलावा, सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत से अपील की थी कि इस फैसले का असर प्रवर्तन निदेशालय (ED) के मनी लॉन्ड्रिंग मामले पर नहीं पड़ना चाहिए। इस दलील पर संज्ञान लेते हुए हाई कोर्ट ने निर्देश दिया है कि निचली अदालत में चल रही ईडी मामले की कार्यवाही को तब तक के लिए टाल दिया जाए, जब तक कि सीबीआई की इस याचिका पर कोई अंतिम फैसला नहीं आ जाता।

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