चंडीगढ़: उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में गर्मी की आहट के बीच मौसम विभाग ने एक बड़ी चेतावनी जारी की है। पंजाब और राजधानी चंडीगढ़ में 14 मार्च से मौसम पूरी तरह करवट लेने वाला है। लगातार तीन दिनों तक गरज-चमक के साथ बारिश और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से चलने वाली धूल भरी हवाएं लोगों की मुश्किलें बढ़ा सकती हैं। हालांकि पिछले 24 घंटों में पारे में 0.4 डिग्री की मामूली गिरावट आई है, लेकिन अब भी तापमान सामान्य से 6.3 डिग्री ऊपर बना हुआ है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, इस समय अरब सागर से आने वाली हवाएं अपने साथ भारी नमी लेकर आ रही हैं। वर्तमान में एक ट्रफ रेखा बिहार से लेकर ओडिशा, नागालैंड और असम तक फैली हुई है, जिससे एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन (चक्रवाती घेरा) बन गया है। यही वजह है कि पंजाब और चंडीगढ़ के आसमान में बादलों का डेरा जमा हुआ है। जानकारों का कहना है कि पश्चिमी हवाओं के कारण जो धूल उत्तर भारत के आसमान में जम गई थी, वह हवा की रफ्तार कम होने के कारण अब साफ होने वाली है।
आंकड़ों पर नजर डालें तो इस बार गर्मी ने समय से पहले ही दस्तक दे दी है। हाल ही में अधिकतम तापमान 34.5 डिग्री दर्ज किया गया, जो फरवरी महीने का अब तक का सबसे उच्चतम स्तर है। मौसम विभाग के मुताबिक, 14 मार्च 2026 से एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने जा रहा है। इस सिस्टम के प्रभाव से उत्तर-पश्चिम भारत में मौसम बदलेगा, जिससे तपती गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है, लेकिन साथ ही तेज आंधी-तूफान का खतरा भी बना हुआ है।
वर्तमान में छाई धूल की धुंध तभी साफ होगी जब वेस्टर्न डिस्टरबेंस आगे बढ़ेगा। मौसम विभाग ने किसानों और आम जनता को सलाह दी है कि वे 14 मार्च से शुरू होने वाले इस बदलाव को देखते हुए अपनी सावधानियां बरतें। तेज हवाओं के कारण कच्ची छतों और पेड़ों के गिरने की संभावना भी जताई गई है। बारिश के बाद तापमान में बड़ी गिरावट आने के आसार हैं, जिससे मार्च के मध्य में एक बार फिर गुलाबी ठंड का अहसास हो सकता है।
