चंडीगढ़: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के पंजाब दौरे को लेकर सूबे की सियासत गरमा गई है। पंजाब के कैबिनेट मंत्री और आम आदमी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष अमन अरोड़ा ने आज चंडीगढ़ स्थित पंजाब भवन में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर केंद्र सरकार और अमित शाह पर सवालों की बौछार कर दी। उन्होंने सीधे तौर पर पूछा कि गृह मंत्री पंजाब के हक का पैसा साथ ला रहे हैं या केवल खाली हाथ लौट जाएंगे।
अमन अरोड़ा ने आरडीएफ (RDF) का मुद्दा उठाते हुए कहा कि केंद्र सरकार पिछले चार सालों से पंजाब का 8300 करोड़ रुपया रोक कर बैठी है। उन्होंने सवाल किया, “क्या अमित शाह आज इस बकाया राशि का चेक देकर जाएंगे या पंजाब के लोगों को एक और ‘जुमला’ थमाकर वापस लौट जाएंगे?” इसके साथ ही उन्होंने जीएसटी (GST) के मुद्दे पर भी घेरा और कहा कि केंद्र की नीतियों के कारण पंजाब को 6000 करोड़ रुपये का भारी नुकसान झेलना पड़ा है।
कैबिनेट मंत्री ने प्रधानमंत्री के पुराने वादे को याद दिलाते हुए कहा कि पंजाब को बाढ़ राहत के तौर पर 1600 करोड़ रुपये देने की बात कही गई थी, लेकिन हकीकत में पंजाब को 16 रुपये तक नहीं मिले। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने पड़ोसी राज्यों को विशेष औद्योगिक सुविधाएं देकर पंजाब की इंडस्ट्री को वहां शिफ्ट होने पर मजबूर किया, जिससे पंजाब की अर्थव्यवस्था को गहरी चोट पहुंची है।
नशे के मुद्दे पर पलटवार करते हुए अमन अरोड़ा ने कहा कि गुजरात और राजस्थान जैसे भाजपा शासित राज्यों से नशे की बड़ी खेप पकड़ी जा रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि अंतरराष्ट्रीय सीमाएं केंद्र के अधीन हैं, फिर भी तस्करी क्यों नहीं रुक रही? इसके अलावा, उन्होंने मनरेगा स्कीम में किए गए बदलावों और गैस सिलेंडर की बढ़ती किल्लत के लिए भी केंद्र की गलत नीतियों को ही मुख्य रूप से जिम्मेदार ठहराया।