Punjab Desk: शिरोमणि अकाली दल और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के बीच दोबारा गठबंधन होने की चर्चाओं पर पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने तीखा हमला बोला है। अमलोह हलके के गाँव शमसपुर में ‘लोक मिलनी’ कार्यक्रम के दौरान एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए सीएम मान ने कहा कि इन दोनों पार्टियों का एक साथ आना, पंजाब की जनता द्वारा बार-बार नकारे जाने के बाद राजनीतिक सत्ता हासिल करने की एक निराशाजनक और मौकापरस्त कोशिश मात्र है।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि यह गठबंधन किसी साझा विचारधारा या जनहित के लिए नहीं, बल्कि उस पंजाब विरोधी राजनीति को दोबारा जिंदा करने के लिए किया जा रहा है जिसने राज्य को नशे, किसान विरोधी नीतियों और ‘बाँटो और राज करो’ के एजेंडे से भारी नुकसान पहुँचाया था।
1. पारंपरिक राजनीतिक दलों और केंद्रीय एजेंसियों पर तीखा प्रहार
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने विपक्ष और केंद्र सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कई गंभीर आरोप लगाए:
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अकाली दल पर निशाना: सीएम मान ने कहा कि अकालियों ने हमेशा गुरबाणी के नाम पर वोट माँगे, लेकिन कोटकपूरा और बहबल कलां जैसी दर्दनाक घटनाओं के दौरान श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की पवित्रता की रक्षा करने में पूरी तरह नाकाम रहे। उन्होंने सुखबीर सिंह बादल पर हमला बोलते हुए कहा कि अकालियों के कुशासन के कारण ही पंजाब में नशे का कारोबार फला-फूला, जिसने लाखों नौजवानों की जिंदगी बर्बाद कर दी।
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भाजपा की मानसिकता: भाजपा को पंजाब विरोधी बताते हुए सीएम ने कहा कि केंद्र सरकार ने हमेशा पंजाब के साथ भेदभाव किया है। उन्होंने याद दिलाया कि भाजपा द्वारा थोपे गए तीन काले किसान कानूनों के खिलाफ संघर्ष में 700 से अधिक किसानों की जान गई थी। इसके अलावा, अब राजनीतिक विरोधियों और छोटे व्यापारियों को डराने-धमकाने के लिए केंद्रीय एजेंसियों का खुलेआम दुरुपयोग किया जा रहा है।
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कांग्रेस की गुटबाजी: कांग्रेस पर चुटकी लेते हुए सीएम मान ने कहा कि वहां कार्यकर्ताओं से ज़्यादा मुख्यमंत्री बनने के चाहने वाले नेता हैं। आंतरिक कलह और व्यक्तिगत इच्छाओं के कारण कांग्रेस ताश के पत्तों की तरह ढह जाएगी।
2. बेअदबी के खिलाफ ऐतिहासिक और सख्त कानून
धार्मिक भावनाओं की रक्षा के प्रति अपनी सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए मुख्यमंत्री ने ‘जागत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार संशोधन अधिनियम 2026’ के कार्यान्वयन का विशेष उल्लेख किया।
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सजा का प्रावधान: इस ऐतिहासिक कानून के तहत अब बेअदबी के दोषी पाए जाने वाले व्यक्ति को 10 साल से लेकर उम्रकैद तक की सख्त सजा का प्रावधान किया गया है।
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भारी जुर्माना: दोषियों पर ₹50 लाख का जुर्माना भी लगाया जाएगा। यदि कोई जुर्माना अदा नहीं करता है, तो उसकी संपत्ति कुर्क करके बेची जा सकती है, ताकि आने वाली पीढ़ियां ऐसे जघन्य अपराध के अंजाम को याद रखें।
3. शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में पंजाब बना देश का नंबर-1 राज्य
मुख्यमंत्री ने गर्व के साथ नीति आयोग द्वारा जारी हालिया आंकड़ों का हवाला देते हुए शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में हुए क्रांतिकारी बदलावों को साझा किया:
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शिक्षा में केरल को पछाड़कर शीर्ष पर: लगातार किए गए सुधारों, स्मार्ट क्लासरूम और बेहतरीन टीचर ट्रेनिंग के कारण पंजाब ने प्राइमरी और मिडिल-स्कूल शिक्षा में देश भर में पहला स्थान हासिल किया है। पंजाब ने इस मामले में केरल, दिल्ली और महाराष्ट्र जैसे राज्यों को काफी बड़े अंतर से पीछे छोड़ दिया है। सीएम ने कहा कि गरीबी को सिर्फ शिक्षा के जरिए ही हमेशा के लिए खत्म किया जा सकता है।
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मुख्यमंत्री सेहत योजना: राज्य के सभी 65 लाख परिवारों को ‘सेहत कार्ड’ जारी किए जा रहे हैं, जिसके तहत हर परिवार को सालाना ₹10 लाख तक का मुफ्त और कैशलेस इलाज मिलेगा। अब तक 30 लाख से अधिक लाभार्थी यह कार्ड प्राप्त कर चुके हैं, और इसके जरिए ₹650 करोड़ का मुफ्त इलाज किया जा चुका है।
4. कृषि, बिजली और महिलाओं के लिए बड़े सुधारों का खाका
भगवंत मान ने ‘आप’ सरकार द्वारा आम जनता के टैक्स के पैसे को विकास कार्यों के जरिए वापस लौटाने की प्रतिबद्धता दोहराई और कई उपलब्धियां गिनाईं:
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कृषि व सिंचाई में सुधार: पहले राज्य में सिर्फ 22% नहरी पानी का उपयोग होता था, जो आज 80% को पार कर गया है। सरकार ने 14,000 किलोमीटर लंबी पाइपलाइनें बिछाईं और रजवाहों को बहाल कर 21,000 क्यूसेक पानी छोड़ा है, जो दो भाखड़ा नहरों के बराबर है। नदियों में रिचार्ज प्वाइंट बनाने से कई इलाकों में भूमिगत जल स्तर 2 से 4 मीटर तक ऊपर आया है।
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ऐतिहासिक बिजली आपूर्ति: पंजाब के इतिहास में पहली बार किसानों को धान के सीजन के दौरान 8 घंटे से अधिक निर्बाध और वह भी दिन के समय बिजली की सप्लाई सुनिश्चित की गई है। इसके अलावा, राज्य के 90% से अधिक घरों को मुफ्त बिजली का लाभ मिल रहा है।
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भ्रष्टाचार मुक्त नौकरियां: सरकार ने अब तक 67,000 से अधिक युवाओं को बिना किसी सिफारिश या रिश्वत के पूरी पारदर्शिता के साथ सरकारी नौकरियां प्रदान की हैं। वहीं, टोल प्लाजा बंद होने से जनता के रोजाना ₹70 लाख बच रहे हैं।
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‘मावां धियां सतिकार योजना’ का आगाज: महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए शुरू की गई इस योजना के तहत 18 वर्ष से अधिक उम्र की महिलाओं को ₹1,000 प्रति माह और अनुसूचित जाति (SC) की महिलाओं को ₹1,500 प्रति माह दिए जाएंगे। इस योजना का लाभ पात्र लाभार्थियों को 1 जुलाई से मिलना शुरू हो जाएगा।
मुख्यमंत्री ने अंत में भावुक होते हुए कहा कि ‘लोक मिलनी’ कोई राजनीतिक तमाशा नहीं, बल्कि जनता से सीधे जुड़ने का माध्यम है। साल 2022 में पंजाब की जनता ने 7 पूर्व मुख्यमंत्रियों और उनके परिवारों को हराकर जो ऐतिहासिक जनादेश ‘झाड़ू’ को दिया था, हमारी सरकार पूरी ईमानदारी से उस भरोसे पर खरी उतर रही है।