चंडीगढ़: घरेलू एलपीजी (LPG) सिलेंडर के दामों में ₹29 की ताज़ा बढ़ोतरी को लेकर पंजाब के वित्त मंत्री और आम आदमी पार्टी (AAP) के वरिष्ठ नेता हरपाल सिंह चीमा ने केंद्र की भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है। रविवार को जारी एक बयान में उन्होंने कहा कि तेल और रोज़मर्रा की ज़रूरी चीज़ों की लगातार बढ़ती कीमतों ने आम आदमी का जीना मुहाल कर दिया है। गरीब और मध्यम वर्गीय परिवार पहले से ही कमरतोड़ महंगाई झेल रहे हैं, और अब रसोई गैस महंगी करके उनके बजट को पूरी तरह बिगाड़ दिया गया है।
हर तरफ से महंगाई की मार, आम नागरिक बेहाल
वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि कमर्शियल गैस सिलेंडर के दाम बार-बार बढ़ाने के बाद अब सरकार ने घरेलू रसोई पर भी आर्थिक बोझ डाल दिया है। उन्होंने कहा:
“आज देश का आम नागरिक चौतरफा महंगाई की मार झेल रहा है। डीजल, एलपीजी, सीएनजी और अन्य आवश्यक वस्तुओं की कीमतें आसमान छू रही हैं। इससे देश के करोड़ों परिवारों की रोज़मर्रा की ज़िंदगी बेहद महंगी और मुश्किल हो गई है।”
‘अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों का बहाना बना रही भाजपा’
‘आप’ नेता ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि भाजपा वैश्विक घटनाक्रमों (जैसे यूएस-ईरान तनाव) की आड़ लेकर देश के नागरिकों पर आर्थिक बोझ डाल रही है। उन्होंने याद दिलाया कि भाजपा महंगाई कम करने और तेल की कीमतें घटाने के वादे के साथ सत्ता में आई थी, लेकिन वह अपने इन वादों को पूरा करने में पूरी तरह नाकाम साबित हुई है।
छोटे कारोबारियों और परिवारों पर दोहरी मार
चीमा ने रेखांकित किया कि कमर्शियल सिलेंडर की कीमतों में लगातार हुई बढ़ोतरी का सीधा असर पहले ही छोटे व्यापारियों, रेहड़ी-पटरी वालों और स्थानीय ढाबा/होटल संचालकों पर पड़ चुका है। अब घरेलू एलपीजी के दाम बढ़ने से आम परिवारों के साथ-साथ इन छोटे कारोबारियों पर भी दबाव और ज़्यादा बढ़ जाएगा।
‘विदेश नीतियां हिट, आर्थिक नीतियां फेल’
मोदी सरकार की आर्थिक नीतियों की आलोचना करते हुए वित्त मंत्री ने तंज कसा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अक्सर विदेश दौरों पर रहते हैं, लेकिन उनकी सरकार की विदेश और आर्थिक नीतियां देश के नागरिकों को राहत देने में पूरी तरह फेल रही हैं। इन गलत नीतियों के कारण देश की अर्थव्यवस्था कमज़ोर हुई है और आम जनता की खरीदने की क्षमता (Purchasing Power) घटी है।
कीमतें तुरंत वापस लेने की मांग
हरपाल सिंह चीमा ने केंद्र सरकार से बढ़ी हुई कीमतों को तुरंत वापस लेने की मांग की है। उन्होंने कहा कि सरकार को बार-बार दाम बढ़ाने के बजाय महंगाई को काबू में करने के लिए ठोस और दीर्घकालिक कदम उठाने चाहिए। केंद्र को आम जनता की जेब काटना बंद कर उन्हें असली राहत देने पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए।