Punjab Employment News: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने राज्य के ‘मिशन रोजगार’ अभियान को आगे बढ़ाते हुए रविवार को 355 युवाओं को सरकारी नियुक्ति पत्र सौंपे। इसके साथ ही आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार द्वारा मार्च 2022 से अब तक प्रदान की गई सरकारी नौकरियों की कुल संख्या 67,037 तक पहुंच गई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब में सरकारी नौकरियों के लिए अब केवल योग्यता ही चयन का आधार है। उन्होंने दावा किया कि उनकी सरकार के कार्यकाल में सभी भर्तियां पूरी पारदर्शिता, निष्पक्षता और बिना किसी सिफारिश या रिश्वत के की गई हैं।
पंजाब में 2022 के बाद एक भी पेपर लीक नहीं: मान
नियुक्ति पत्र वितरण समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि देशभर में नीट समेत कई प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक होने की घटनाओं ने युवाओं का भरोसा कमजोर किया है। उन्होंने दावा किया कि वर्ष 2017 से देश में 93 पेपर लीक की घटनाएं सामने आईं, जबकि पंजाब में 2022 से अब तक एक भी पेपर लीक का मामला दर्ज नहीं हुआ।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने भर्ती प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी बनाया है, जिससे योग्य उम्मीदवारों को उनकी मेहनत और प्रतिभा के आधार पर अवसर मिल रहे हैं।
65 हजार ठेका कर्मचारियों को मिलेगा नियमितीकरण का रास्ता
मुख्यमंत्री ने बताया कि पंजाब सरकार ने ठेका आधारित रोजगार प्रणाली को समाप्त करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने 65,000 से अधिक आउटसोर्स और ठेका कर्मचारियों को नियमित करने का रास्ता खोलने का फैसला किया है।
उन्होंने कहा कि पांच वर्ष तक लगातार सेवा देने वाले कर्मचारियों को सीधे सरकारी रोजगार के तहत लाया जाएगा, जबकि 10 वर्ष की सेवा पूरी करने वालों को नियमित पदों पर समायोजित करने पर विचार किया जाएगा।
पंजाब में युवाओं के लिए बढ़ रहे रोजगार के अवसर
भगवंत मान ने कहा कि राज्य सरकार युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के साथ-साथ ऐसे अवसर भी पैदा कर रही है, जिससे उन्हें विदेश जाने की आवश्यकता न पड़े। उन्होंने दावा किया कि बेहतर रोजगार और शिक्षा सुविधाओं के कारण कई युवा विदेशों से वापस पंजाब लौट रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य पंजाब के युवाओं को राज्य के भीतर ही उज्ज्वल भविष्य और करियर के अवसर प्रदान करना है।
कौशल विकास के लिए 25 नई ITI और 13 संस्थानों का अपग्रेडेशन
तकनीकी शिक्षा और कौशल विकास को मजबूत करने के लिए मुख्यमंत्री ने कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि राज्य में 25 नई औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (ITI) बनाई जा रही हैं, जबकि 13 मौजूदा ITI को आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जा रहा है।
सरकार द्वारा उठाए गए प्रमुख कदम:
- 25 नई ITI निर्माणाधीन
- 13 ITI का आधुनिकीकरण और अपग्रेडेशन
- सरकारी पॉलिटेक्निक कॉलेजों के आधुनिकीकरण पर 20 करोड़ रुपये का निवेश
- भवन निर्माण, मरम्मत और नवीनीकरण पर 12 करोड़ रुपये खर्च
- IIT रोपड़ के सहयोग से 8 पॉलिटेक्निक संस्थानों में साइबर-फिजिकल सिस्टम लैब
- 5 सरकारी पॉलिटेक्निक कॉलेजों में इनोवेशन लैब की स्थापना
- नंगल में 23 करोड़ रुपये की लागत से कैप्टन अमोल कालिया सेंटर ऑफ एक्सीलेंस का निर्माण
- सभी 91 पॉलिटेक्निक कॉलेजों में सेमेस्टर इंटर्नशिप कार्यक्रम शुरू
शिक्षा क्षेत्र में पंजाब बना नंबर-1
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब ने शिक्षा क्षेत्र में उल्लेखनीय सुधार किए हैं। उनके अनुसार, जब उनकी सरकार सत्ता में आई थी तब स्कूल शिक्षा के क्षेत्र में पंजाब देश में 27वें स्थान पर था, जबकि अब नीति आयोग की रिपोर्ट के अनुसार राज्य शीर्ष स्थान पर पहुंच गया है।
उन्होंने बताया कि सरकारी स्कूलों में आधुनिक बुनियादी ढांचे, स्मार्ट सुविधाओं और अंतरराष्ट्रीय स्तर के प्रशिक्षण प्राप्त शिक्षकों के कारण शिक्षा की गुणवत्ता में बड़ा सुधार हुआ है।
118 स्कूल ऑफ एमिनेंस से छात्रों को मिल रहे नए अवसर
भगवंत मान ने कहा कि राज्य में 118 स्कूल ऑफ एमिनेंस स्थापित किए गए हैं, जहां विद्यार्थियों को NEET, JEE, CLAT, NIFT और सशस्त्र बलों की तैयारी के लिए विशेष कोचिंग उपलब्ध कराई जा रही है।
उन्होंने कहा कि इन स्कूलों की सफलता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि अब निजी स्कूलों के छात्र भी स्कूल ऑफ एमिनेंस में दाखिला ले रहे हैं।
युवाओं को ईमानदारी से मिला रोजगार
मुख्यमंत्री ने नव-नियुक्त कर्मचारियों को बधाई देते हुए कहा कि सरकारी नौकरियां किसी पर एहसान नहीं बल्कि योग्य उम्मीदवारों का अधिकार हैं। उन्होंने युवाओं से ईमानदारी और समर्पण के साथ जनता की सेवा करने का आह्वान किया।
उन्होंने दोहराया कि पंजाब सरकार का मुख्य उद्देश्य युवाओं को रोजगार, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और बेहतर भविष्य के अवसर प्रदान करके राज्य को विकास और खुशहाली की नई ऊंचाइयों तक पहुंचाना है।