कुरुक्षेत्र: हरियाणा के कुरुक्षेत्र में आज दोपहर एक बड़ा रेल हादसा होते-होते रह गया। कुरुक्षेत्र रेलवे स्टेशन के पास अडानी ग्रुप की एक मालगाड़ी के चार डिब्बे अचानक पटरी से उतर गए। राहत की बात यह रही कि इस दुर्घटना में किसी भी तरह की जनहानि नहीं हुई है। हालांकि, इस घटना के बाद से दिल्ली-अंबाला मुख्य रेल मार्ग और स्थानीय रूटों पर ट्रेनों का संचालन बुरी तरह प्रभावित हुआ है।
मुख्यमंत्री के कार्यक्रम से महज 400 मीटर दूर हुआ हादसा
यह घटना दोपहर करीब 12:15 बजे की है। उस समय कुरुक्षेत्र रेलवे स्टेशन पर भारी गहमागहमी थी, क्योंकि हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी वहां एक विशेष कार्यक्रम में मौजूद थे। सीएम सैनी को सोमनाथ यात्रा पर जा रहे श्रद्धालुओं की एक विशेष ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना करना था।
मुख्यमंत्री के कार्यक्रम स्थल से मात्र 400 मीटर की दूरी पर हुए इस हादसे के बाद स्थानीय प्रशासन और रेलवे महकमे में हड़कंप मच गया। सुरक्षा के लिहाज से तुरंत रेलवे ट्रैक की बिजली आपूर्ति (OHE लाइन) को बंद कर दिया गया।
मुख्य बिंदु: कुरुक्षेत्र रेल दुर्घटना
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समय: दोपहर लगभग 12:15 बजे
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स्थान: कुरुक्षेत्र रेलवे स्टेशन के नजदीक (पेहवा-कैथल मार्ग)
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प्रभावित ट्रेन: अडानी ग्रुप की मालगाड़ी (4 डिब्बे बेपटरी)
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नुकसान: कोई जनहानि नहीं, लेकिन रेल यातायात ठप
कैथल की ओर जा रही थी मालगाड़ी, अप-डाउन लाइनें प्रभावित
रेलवे अधिकारी रामनिवास से मिली जानकारी के अनुसार, यह मालगाड़ी कुरुक्षेत्र से कैथल/पेहवा रोड की तरफ आगे बढ़ रही थी। तभी अचानक तकनीकी खराबी के कारण इसके चार डिब्बे ट्रैक से नीचे उतर गए। इस तकनीकी खराबी के चलते कुरुक्षेत्र रेलवे स्टेशन की लाइन नंबर 2 और 3 पर परिचालन को पूरी तरह रोक दिया गया है।
रेलवे प्रशासन का बयान: “हमारी पहली प्राथमिकता ट्रैक को जल्द से जल्द खाली करना और मरम्मत कार्य पूरा करना है, ताकि यात्रियों को ज्यादा असुविधा न हो। हादसे के कारणों की जांच के लिए एक टीम गठित कर दी गई है।”
युद्ध स्तर पर राहत कार्य जारी
घटना की गंभीरता को देखते हुए मौके पर रेलवे के आला अधिकारी, तकनीकी विशेषज्ञ और भारी पुलिस बल तैनात है। क्रेन और आधुनिक उपकरणों की मदद से बेपटरी हुए डिब्बों को हटाने का काम युद्ध स्तर पर चल रहा है।
प्रशासन का कहना है कि ट्रैक को दुरुस्त कर जल्द ही ट्रेनों की आवाजाही को सामान्य कर लिया जाएगा। फिलहाल इस रूट से गुजरने वाली अन्य ट्रेनों के रूट में बदलाव या उन्हें रोककर चलाने की व्यवस्था की जा रही है।