Punjab Municipal Corporation Mayor Election: 8 नगर निगमों में मेयर चुनाव को लेकर सियासी हलचल तेज

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Punjab Desk: पंजाब की आठ नगर निगमों में पार्षदों के चुनाव संपन्न होने के बाद अब असली मुकाबला मेयर पद (Mayor Post) को लेकर शुरू हो चुका है। कल होने वाले मेयर चुनाव से ठीक पहले राज्य का सियासी पारा पूरी तरह चढ़ गया है। सभी राजनीतिक दल जोड़-तोड़ और अपने-अपने समीकरणों को दुरुस्त करने में जुट गए हैं।

इस चुनाव में जहां पांच नगर निगमों में आम आदमी पार्टी (AAP) को स्पष्ट बहुमत मिला है, वहीं कुछ शहरों में गठबंधन और पार्षदों की ‘बाड़ेबंदी’ की खबरें भी सुर्खियां बटोर रही हैं।

5 नगर निगमों में ‘आप’ का दबदबा, भाजपा और कांग्रेस को यहां मिली बढ़त

स्थानीय निकाय चुनाव के नतीजों ने पंजाब की राजनीति की मौजूदा तस्वीर साफ कर दी है। अलग-अलग शहरों में पार्टियों की स्थिति कुछ इस प्रकार है:

  • आम आदमी पार्टी (AAP): बरनाला, बठिंडा, बटाला, मोगा और मोहाली में स्पष्ट बहुमत हासिल कर बढ़त बनाई है।

  • भारतीय जनता पार्टी (BJP): अबोहर नगर निगम में मजबूत स्थिति में है और वहां अपना मेयर बनाने के करीब है।

  • कांग्रेस (Congress): कपूरथला नगर निगम में कांग्रेस ने अपनी पकड़ मजबूत रखी है।

मोहाली में मेयर चेहरे पर सस्पेंस: पार्षदों के फोन बंद, ‘बाड़ेबंदी’ की चर्चा तेज

मोहाली नगर निगम (Mohali Municipal Corporation) में मेयर पद की कुर्सी को लेकर सबसे ज्यादा ड्रामा देखने को मिल रहा है। हालांकि आम आदमी पार्टी के पास यहाँ बहुमत है, लेकिन पार्टी के भीतर मेयर के चेहरे को लेकर आम सहमति नहीं बन पा रही है। कई दावेदारों के नाम रेस में होने के कारण असमंजस की स्थिति है।

इसी बीच, राजनीतिक गलियारों से आ रही खबरों के मुताबिक, मोहाली के बड़ी संख्या में पार्षदों के मोबाइल फोन अचानक बंद हो गए हैं और वे शहर से बाहर चले गए हैं। राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि मेयर चुनाव के मतदान तक पार्षदों को किसी भी प्रकार की क्रॉस-वोटिंग या टूट-फूट से बचाने के लिए यह ‘रणनीतिक बाड़ेबंदी’ की गई है।

पठानकोट में फंसा पेंच: क्या होगा कांग्रेस और AAP का गठबंधन?

सबसे दिलचस्प और त्रिशंकु मुकाबला पठानकोट नगर निगम में देखने को मिल रहा है। यहाँ किसी भी राजनीतिक दल को पूर्ण बहुमत नहीं मिला है, जिसके बाद जोड़-तोड़ की राजनीति चरम पर है।

सियासी गलियारों की बड़ी चर्चा: पठानकोट में भाजपा को रोकने के लिए कांग्रेस और आम आदमी पार्टी (AAP) के बीच संभावित गठबंधन की अटकलें तेज हैं। अगर ये दोनों दल हाथ मिलाते हैं, तो मेयर चुनाव का पूरा गणित बदल जाएगा। दूसरी तरफ, भाजपा भी निर्दलीयों और अन्य पार्षदों के सहारे बहुमत का जादुई आंकड़ा जुटाने के लिए पूरी ताकत लगा रही है।

बटाला नगर निगम: बहुमत के बावजूद नए चेहरे की तलाश

बटाला नगर निगम में आम आदमी पार्टी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 50 में से 30 सीटों पर जीत दर्ज कर स्पष्ट बहुमत हासिल किया है। यहाँ ‘आप’ का मेयर बनना पूरी तरह तय है, लेकिन इसके बावजूद पार्टी असमंजस में है।

दरअसल, चुनाव नतीजों में कुछ बड़े स्थानीय राजनीतिक परिवारों के दिग्गज चुनाव हार गए हैं, जो मेयर पद के स्वाभाविक दावेदार माने जा रहे थे। इस अप्रत्याशित उलटफेर के बाद अब पार्टी आलाकमान किसी नए और बेदाग चेहरे को मेयर की कुर्सी सौंपने पर विचार कर रहा है।

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