Punjab Desk: सोशल मीडिया पर इन दिनों ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ नाम का ट्रेंड तेजी से वायरल हो रहा है, जिसे लेकर युवाओं में खासा क्रेज देखा जा रहा है। लेकिन अब इस ट्रेंड का फायदा उठाकर साइबर ठगों ने मासूम लोगों को अपना शिकार बनाना शुरू कर दिया है। इसे देखते हुए लुधियाना पुलिस ने शहरवासियों के लिए एक बेहद जरूरी और सतर्क करने वाली चेतावनी जारी की है।
42 सेकंड के वीडियो में पुलिस ने खोला ठगों का राज
साइबर अपराध के इस नए तरीके से लोगों को जागरूक करने के लिए पुलिस कमिश्नरेट लुधियाना ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट पर एक वीडियो साझा किया है। करीब 42 सेकंड के इस वीडियो में पुलिस अधिकारी अमरिंदर सिंह ने बताया कि ठग किस तरह लोगों को जाल में फंसा रहे हैं:
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भावनात्मक संदेशों का जाल: ठग सबसे पहले वॉट्सऐप पर ‘देश की पुकार’, ‘सिस्टम बदलने का समय’ और ‘युवाओं के लिए बड़ी अपॉर्चुनिटी’ जैसे आकर्षक और भावुक करने वाले मैसेज भेजते हैं।
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फर्जी जॉइनिंग लिंक: इन संदेशों के साथ ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ से जुड़ने के नाम पर एक अनजान लिंक भी भेजा जाता है, जो पूरी तरह फर्जी होता है।
https://www.facebook.com/reel/1217305090415426
क्लिक करते ही खाली हो सकता है बैंक खाता
पुलिस अधिकारी ने साफ किया कि यह लिंक और कुछ नहीं बल्कि एक खतरनाक ‘फिशिंग जाल’ (Phishing Trap) है।
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मोबाइल हैकिंग: जैसे ही कोई यूजर इस लिंक पर क्लिक करता है, उसका मोबाइल फोन हैकर्स के नियंत्रण में चला जाता है।
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डेटा चोरी: इसके बाद साइबर अपराधी फोन में मौजूद नेट बैंकिंग डिटेल्स, यूपीआई (UPI) पिन, पासवर्ड और अन्य संवेदनशील निजी जानकारियां चुरा लेते हैं।
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वित्तीय नुकसान: ठग न सिर्फ बैंक खातों से पैसे उड़ा रहे हैं, बल्कि पीड़ितों के दस्तावेजों का गलत इस्तेमाल करके उनके नाम पर फर्जी लोन तक ले रहे हैं।
लुधियाना पुलिस की जनता से अपील और हेल्पलाइन नंबर
लुधियाना पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे किसी भी अनजान ट्रेंड, मैसेज या संदिग्ध लिंक पर बिना जांच किए बिल्कुल भी क्लिक न करें। अपनी कोई भी निजी जानकारी किसी अनजान व्यक्ति या प्लेटफॉर्म पर साझा न करें।
ठगी होने पर क्या करें? अगर आप अनजाने में ऐसे किसी लिंक का शिकार हो गए हैं या आपके साथ साइबर फ्रॉड हो गया है, तो बिना देरी किए तुरंत साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करके अपनी शिकायत दर्ज कराएं। पुलिस के अनुसार, घटना के तुरंत बाद (गोल्डन ऑवर में) शिकायत दर्ज कराने से बैंक और संबंधित एजेंसियां ठगी गई रकम को होल्ड कर सकती हैं, जिससे पैसे वापस मिलने की उम्मीद काफी बढ़ जाती है।