कागजों में दावे, हकीकत में खामियां: मंत्री श्रुति चौधरी के औचक निरीक्षण से सहमे अधिकारी

चंडीगढ़: हरियाणा में बच्चों के बेहतर खान-पान, साफ-सफाई और देखभाल के बड़े-बड़े दावों की पोल उस वक्त खुल गई, जब महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रुति चौधरी खुद अचानक बच्चों के बीच पहुंच गईं। मंत्री के इस औचक निरीक्षण (Surprise Inspection) और बच्चों से सीधे संवाद ने विभागीय अधिकारियों की धड़कनें बढ़ा दी हैं।

 निरीक्षण के दौरान क्या हुआ?

मंत्री श्रुति चौधरी ने आंगनवाड़ी केंद्रों, क्रेच, बाल देखभाल संस्थानों और शिशु निकेतन केंद्रों का अचानक दौरा किया। कागजों में सब कुछ ठीक दिख रहा था, लेकिन जब जमीनी हकीकत जांची गई तो तस्वीर कुछ और ही निकली।

  • बच्चों से सीधे सवाल: मंत्री ने नन्हें बच्चों को पास बुलाकर उनसे सीधे बातचीत की।

  • पूछे गए मुख्य सवाल: “खाना कैसा मिलता है? समय पर सब कुछ मिलता है या नहीं? देखभाल ठीक होती है?”

  • सामने आई सच्चाई: बच्चों के जवाबों और मौके की स्थिति ने साफ कर दिया कि व्यवस्थाओं में कई गंभीर खामियां और लापरवाही थीं।

अधिकारियों को सख्त चेतावनी और फटकार

लापरवाही सामने आने पर मंत्री ने संबंधित अधिकारियों को मौके पर ही कड़ी फटकार लगाई और साफ संदेश दिया:

“बच्चों के खान-पान, स्वास्थ्य, सुरक्षा और स्वच्छता से किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। बच्चों की बेहतर देखभाल सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। अगर इसके बाद भी किसी स्तर पर कोताही मिली, तो जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।”

 भविष्य के लिए निर्देश

मंत्री ने व्यवस्थाओं को तुरंत सुधारने के लिए निम्नलिखित निर्देश जारी किए हैं:

  • तुरंत सुधार: केंद्रों की व्यवस्थाओं और खान-पान के स्तर को तत्काल सुधारा जाए।

  • नियमित मॉनिटरिंग: अधिकारी केवल कागजों पर निर्भर न रहें, बल्कि इन केंद्रों का नियमित निरीक्षण (Regular Inspection) सुनिश्चित करें।

Related Articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Stay Connected

0FansLike
0FollowersFollow
0SubscribersSubscribe
- Advertisement -spot_img

Latest Articles