चंडीगढ़: भारतीय हॉकी का गढ़ माना जाने वाला पंजाब इस साल अक्टूबर में एक नया इतिहास रचने जा रहा है। राज्य पहली बार प्रतिष्ठित एशियन हॉकी चैंपियंस ट्रॉफी की मेजबानी करने के लिए पूरी तरह तैयार है।
गुरुवार को ‘हॉकी इंडिया’ के अधिकारियों के साथ एक उच्च स्तरीय बैठक के बाद मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने इस अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट के सफल आयोजन के लिए पूर्ण सहयोग का भरोसा दिया। उन्होंने कहा कि यह आयोजन भारतीय हॉकी में पंजाब की पहचान को और मजबूत करेगा और युवाओं को खेलों के प्रति प्रेरित करेगा।
टूर्नामेंट से जुड़ी मुख्य बातें
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शीर्ष टीमों में मुकाबला: एशियाई खेलों (जो 3-4 अक्टूबर को समाप्त होंगे) के बाद, एशिया की शीर्ष छह हॉकी टीमें इस चैंपियंस ट्रॉफी में खिताब के लिए भिड़ेंगी।
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ऐतिहासिक मैदानों पर होंगे मैच: टूर्नामेंट के मुकाबले पंजाब के दो सबसे प्रतिष्ठित स्टेडियमों में खेले जाएंगे:
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मोहाली: बलबीर सिंह सीनियर हॉकी स्टेडियम
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जालंधर: सुरजीत हॉकी स्टेडियम
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एक और बड़ी सौगात: मुख्यमंत्री ने खुलासा किया कि चैंपियंस ट्रॉफी के अलावा पंजाब को ‘चार देशीय टूर्नामेंट’ की मेजबानी की भी मंजूरी मिल गई है, जो राज्य में हॉकी को एक नया उछाल देगा।
खिलाड़ियों को मिलेंगी विश्व स्तरीय सुविधाएं
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए अपनी प्रतिबद्धता दोहराई कि:
“भाग लेने वाले सभी अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों और अधिकारियों के लिए विश्व स्तरीय व्यवस्था, पुख्ता सुरक्षा और हर संभव सुविधाएं सुनिश्चित की जाएंगी। पंजाब हमेशा से हॉकी की नर्सरी रहा है और इस ऐतिहासिक अंतराल का खत्म होना राज्य में खेल संस्कृति के एक नए युग की शुरुआत करेगा।”
सोशल मीडिया पर मुख्यमंत्री का संदेश
बैठक के बाद मुख्यमंत्री ने अपने ‘X’ (ट्विटर) हैंडल पर लिखा:
“पंजाब हमेशा हॉकी की नर्सरी रहा है… आपकी सरकार इस वैश्विक प्रतियोगिता में भाग लेने वाले खिलाड़ियों के लिए शानदार व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। आइए हम सब मिलकर खेलों के क्षेत्र में एक बार फिर ‘रंगला पंजाब’ सृजित करें।”