Punjab Desk: पंजाब में पिछले कुछ दिनों से मौसम के मिजाज में आए अचानक बदलाव ने लोगों को हैरान कर दिया है। पहाड़ी इलाकों में हो रही बर्फबारी, ओलावृष्टि और मैदानी इलाकों में बारिश के कारण राज्य में एक बार फिर सर्दी का एहसास होने लगा है। ठंड का असर इतना बढ़ गया है कि लोगों ने अलमारियों में रख दिए गए गर्म कपड़े और कंबल दोबारा निकाल लिए हैं। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, पिछले दो दिनों में अधिकतम तापमान में 7.6 डिग्री सेल्सियस तक की बड़ी गिरावट दर्ज की गई है, जो सामान्य से लगभग 3.7 डिग्री कम है।
पश्चिमी विक्षोभ का असर और बारिश का अनुमान
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि पहाड़ों पर सक्रिय हुए पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) की वजह से मैदानी इलाकों के मौसम में यह उथल-पुथल मची है। हालांकि आज यानी 17 मार्च को मौसम मुख्य रूप से शुष्क रहने की संभावना है, लेकिन पठानकोट, होशियारपुर, रूपनगर और पटियाला जैसे जिलों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। विभाग ने संकेत दिए हैं कि 18 मार्च से मौसम एक बार फिर करवट ले सकता है, जिससे फिलहाल तेज गर्मी पड़ने के आसार नहीं हैं।
जिलों के तापमान की स्थिति
राज्य के कई हिस्सों में पारा 20 डिग्री सेल्सियस से नीचे लुढ़क गया है। होशियारपुर में सबसे कम 17.7°C तापमान दर्ज किया गया, जबकि पठानकोट में यह 18.8°C रहा। एसबीएस नगर में पारा 20.7°C रिकॉर्ड हुआ। इसके विपरीत, फरीदकोट में 26.7°C और चंडीगढ़ में 26.4°C तापमान दर्ज किया गया, जो राज्य के बाकी हिस्सों की तुलना में थोड़ा अधिक रहा।
मार्च में बारिश की भारी कमी
भले ही हालिया बारिश से ठंड बढ़ी है, लेकिन मार्च महीने के कुल आंकड़े चिंताजनक हैं। 1 मार्च से 16 मार्च के बीच पंजाब में औसतन केवल 4 मिमी बारिश हुई है, जबकि सामान्य तौर पर इस दौरान 14 मिमी बारिश होनी चाहिए थी। मौसम विभाग ने इसे ‘बड़ी कमी’ (Large Deficient) की श्रेणी में रखा है, क्योंकि इस बार अब तक सामान्य से 72 प्रतिशत कम बारिश रिकॉर्ड की गई है। पिछले 24 घंटों में सबसे ज्यादा 20 मिमी बारिश माधोपुर में दर्ज की गई है।