जालंधर: पंजाब में नशे के खिलाफ पुलिस का एक्शन अब और भी आक्रामक हो गया है। ‘युद्ध नशे के विरुद्ध’ अभियान के तहत मंगलवार दोपहर जालंधर के गांव जमशेर में पुलिस और नगर निगम की संयुक्त टीम ने एक बड़े नशा तस्कर के अवैध निर्माण पर बुलडोजर चलाकर उसे जमींदोज कर दिया। प्रशासन की इस ताबड़तोड़ कार्रवाई को देखने के लिए बड़ी संख्या में ग्रामीण अपने घरों से बाहर निकल आए और नशे के खिलाफ उठाए गए इस सख्त कदम की जमकर सराहना की।
जिस मकान पर यह बुलडोजर वाली कार्रवाई हुई है, वह कुख्यात नशा तस्कर जेमस का था। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, जेमस के खिलाफ एनडीपीएस (NDPS) और एक्साइज एक्ट के तहत कुल 16 संगीन मामले दर्ज थे। पिछले साल जेल में ही उसकी मौत हो गई थी, लेकिन उसके बाद उसकी पत्नी सत्या ने नशे का यह काला कारोबार अपने हाथों में ले लिया। हालांकि, पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए सत्या को भी गिरफ्तार कर जेल की सलाखों के पीछे धकेल दिया है।
इस पूरे मामले का खुलासा तब हुआ जब गांव की पंचायत ने प्रशासन को जमशेर छप्पर की सरकारी जमीन पर हुए अवैध कब्जे की जानकारी दी। एडीसीपी हरविंदर सिंह गिल ने बताया कि नशा तस्कर जेमस और उसकी पत्नी सत्या ने पंचायत की बेशकीमती जमीन पर यह अवैध निर्माण किया था। शिकायत मिलने पर नगर निगम ने उन्हें कई नोटिस जारी किए, लेकिन जब माफिया की तरफ से कोई जवाब नहीं मिला, तो जांच के बाद इस अवैध ढांचे को ध्वस्त करने का कड़ा फैसला लिया गया। कार्रवाई के बाद मुक्त कराई गई जमीन वापस पंचायत को सौंप दी गई है।
इस बड़ी कार्रवाई के दौरान किसी भी तरह के हंगामे या विरोध से निपटने के लिए नगर निगम ने पहले ही पुलिस से मदद मांगी थी। इसके बाद थाना सदर की पुलिस टीम और भारी फोर्स मौके पर तैनात रही, जिनकी कड़ी सुरक्षा के बीच निगम की टीम ने अवैध निर्माण को मलबे में तब्दील कर दिया। एडीसीपी गिल ने शहरवासियों से विशेष अपील की है कि अगर उनके इलाके में कोई भी व्यक्ति नशे के कारोबार को बढ़ावा दे रहा है, तो वे बेखौफ होकर पंजाब सरकार के व्हाट्सएप नंबर 9779-100-200 पर इसकी जानकारी साझा करें। उन्होंने जनता को भरोसा दिलाया है कि सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह से गुप्त रखी जाएगी।
