चंडीगढ़: पंजाब विधानसभा के बजट सत्र का चौथा दिन भारी हंगामे और तीखी नोकझोंक की भेंट चढ़ गया। सदन के अंदर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच जमकर जुबानी तीर चले और नौबत गालियों तक पहुंच गई। महिलाओं को लेकर कांग्रेस विधायक सुखपाल खैहरा की एक विवादित सोशल मीडिया पोस्ट ने सदन का तापमान इस कदर बढ़ा दिया कि उनके खिलाफ निंदा प्रस्ताव तक पास करना पड़ा। वहीं, मेडिकल कॉलेज के मुद्दे पर शुरू हुई बहस इतनी उग्र हो गई कि वित्त मंत्री हरपाल चीमा ने नेता विपक्ष को मेंटल अस्पताल भेजने तक की बात कह डाली।
सदन में हंगामे की शुरुआत मेडिकल कॉलेजों के मुद्दे से हुई। कांग्रेस विधायक तृप्त राजिंदर बाजवा ने सरकार से सरकारी मेडिकल कॉलेजों को लेकर सवाल पूछा था, लेकिन जवाब में उन्हें प्राइवेट कॉलेजों की जानकारी दी जाने लगी। सेहत मंत्री बलबीर सिद्धू ने जब कहा कि सरकार प्राइवेट कॉलेजों की भी मदद करती है, तो नेता विपक्ष प्रताप सिंह बाजवा भड़क गए। उन्होंने मांग की कि सरकार सिर्फ अपने बनाए मेडिकल कॉलेजों की बात करे। इस बीच जब मंत्री अमन अरोड़ा जवाब देने के लिए खड़े हुए, तो बाजवा ने यह कहकर कड़ा विरोध जताया कि इसका जवाब सिर्फ स्वास्थ्य मंत्री ही दे सकते हैं। इस पर स्पीकर ने संविधान का हवाला देते हुए व्यवस्था दी कि किसी भी मामले के लिए पूरी कैबिनेट जवाबदेह होती है, जिसे लेकर सदन में काफी देर तक शोरगुल होता रहा।
प्रश्नकाल के बाद जब जीरो ऑवर शुरू हुआ, तो हंगामा अपने चरम पर पहुंच गया। वित्त मंत्री हरपाल चीमा ने नेता विपक्ष प्रताप सिंह बाजवा पर बेहद गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि 75 साल के नेता विपक्ष ने सदन में गालियां दी हैं। गुस्से में आगबबूला चीमा ने बाजवा से तुरंत माफी मांगने की मांग की। चीमा ने आक्रामक तेवर अपनाते हुए कहा कि इन्होंने हमारे लोगों को गालियां दी हैं और ये यहां बदमाशियां कर रहे हैं, इसलिए इन्हें तुरंत मेंटल अस्पताल में दाखिल करवाना चाहिए। उन्होंने दो टूक शब्दों में चेतावनी दी कि इस पवित्र सदन में किसी भी तरह की बदमाशी बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
सदन में सबसे बड़ा बवाल कांग्रेस विधायक सुखपाल खैहरा की एक विवादित पोस्ट को लेकर हुआ। वित्त मंत्री हरपाल चीमा ने इस पोस्ट का मुद्दा उठाते हुए कड़ा एतराज जताया। चीमा ने बताया कि खैहरा ने अपनी पोस्ट में लिखा है कि ‘1000 रुपए के लिए गिद्दे डालने वाली सूरमे कहां से पैदा कर लेंगी।’ चीमा ने विपक्ष को घेरते हुए पूछा कि क्या वे इस शर्मनाक टिप्पणी के लिए माफी मांगेंगे? उन्होंने कहा कि हम औरतों और दलित महिलाओं का पूरा सम्मान करते हैं, लेकिन अगर विरोधी ‘सिल्वर स्पून’ (अमीरी) के साथ पैदा हुए हैं, तो उन्हें महिलाओं का सरेआम अपमान करने का हक किसने दे दिया।
सुखपाल खैहरा की इस विवादित टिप्पणी पर घिरता देख आखिरकार कांग्रेस विधायक दल के नेता प्रताप बाजवा को बैकफुट पर आना पड़ा और उन्होंने खैहरा की पोस्ट पर सदन में खेद जताया। हालांकि, आम आदमी पार्टी के विधायक इतने से शांत नहीं हुए। AAP विधायक इंद्रजीत कौर मान ने इस पर कड़ी आपत्ति जताते हुए सख्त कार्रवाई की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि गरीब कैसे सूरमा पैदा करेंगे, इस मुद्दे को राज्य स्तर पर जनता के बीच ले जाया जाएगा। बढ़ते बवाल और भारी हंगामे को देखते हुए स्पीकर ने सदन की कार्यवाही को आधे घंटे के लिए मुल्तवी कर दिया। बाद में सदन ने सुखपाल खैहरा के खिलाफ निंदा प्रस्ताव भी पारित कर दिया।
