जालंधर: पंजाब के जालंधर स्थित आदमपुर में आयोजित ‘लोक मिलनी’ कार्यक्रम में मुख्यमंत्री भगवंत मान का एक अलग ही आक्रामक और भावुक अंदाज देखने को मिला। विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए सीएम मान ने जहां एक तरफ पंजाब के युवाओं की शिक्षा और रोजगार की पूरी जिम्मेदारी अपने कंधों पर लेने का बड़ा ऐलान किया, वहीं दूसरी तरफ विपक्षी दलों—अकाली दल, भाजपा और कांग्रेस की बखिया उधेड़ कर रख दी। केंद्र सरकार की अग्निवीर योजना से लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वादों तक पर मुख्यमंत्री ने तीखे प्रहार किए और स्पष्ट किया कि पंजाब का खजाना नहीं, बल्कि विपक्ष की नीयत खाली है।
कार्यक्रम के दौरान जनता से संवाद करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत मान काफी भावुक भी नजर आए। उन्होंने कहा कि जब 80-80 साल के बुजुर्ग अपने बच्चों की पढ़ाई और भविष्य के लिए गुहार लगाते हैं, तो उन्हें बेहद दुख होता है। सीएम मान ने मंच से पंजाब के युवाओं को आश्वस्त किया कि अब उनके भविष्य, उच्च शिक्षा और सरकारी नौकरी की पूरी जिम्मेदारी आम आदमी पार्टी की सरकार की है। इसके साथ ही उन्होंने महिलाओं को भी बड़े पैमाने पर सरकारी नौकरियां देने का मजबूत भरोसा दिलाया ताकि प्रदेश की आधी आबादी को भी सशक्त बनाया जा सके।
लोक मिलनी कार्यक्रम में उमड़े जनसैलाब को देखकर गदगद हुए मुख्यमंत्री ने विरोधियों पर करारा तंज कसा। उन्होंने कहा कि आज यहां इतनी भारी संख्या में लोग खुद अपनी मर्जी और प्यार से इकट्ठा हुए हैं। विपक्षियों पर चुटकी लेते हुए सीएम मान ने कहा कि अगर शिरोमणि अकाली दल, भाजपा या कांग्रेस को अपनी रैलियों में इतनी भीड़ जुटानी पड़ जाए, तो उन्हें डेढ़-डेढ़ लाख रुपए की जलेबियां बांटनी पड़ जाती हैं, लेकिन फिर भी लोग उन्हें सुनने नहीं आते।
मुख्यमंत्री ने अपने भाषण में केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी आड़े हाथों लिया। उन्होंने पीएम मोदी के वादों पर कटाक्ष करते हुए कहा कि लोगों के खातों में 1500 रुपए डालने का वादा आज तक पूरा नहीं हुआ है। नोटबंदी को महज एक ‘जुमला’ करार देते हुए उन्होंने केंद्र द्वारा पेंशन और अन्य जनहित की योजनाओं को बंद किए जाने पर भी गहरी नाराजगी जाहिर की। इसके अलावा, सीएम मान ने केंद्र की ‘अग्निवीर योजना’ की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि देश की सेवा करने गए युवाओं को चंद साल का समय पूरा होने पर ही वापस घर भेज दिया जा रहा है, जो उनके भविष्य के साथ बड़ा खिलवाड़ है।
अक्सर विपक्ष द्वारा लगाए जाने वाले खजाना खाली होने के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए सीएम मान ने कहा कि सरकारी खजाना बिल्कुल नहीं खाली है, बल्कि विपक्ष की नीयत ही खाली है। अपनी सरकार की बड़ी उपलब्धियां गिनाते हुए उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार ने खुद प्राइवेट थर्मल प्लांट खरीदकर राज्य को बिजली उत्पादन में आत्मनिर्भर बना दिया है। यही कारण है कि आज सरकार न सिर्फ मुफ्त बिजली का वादा निभा रही है, बल्कि बिजली की दरों में कटौती करके आम जनता और व्यापारियों को भी बड़ी राहत दे रही है। अंत में सुखबीर बादल का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि कोई कितना भी धन या हीरे-मोती इकट्ठा कर ले, लेकिन अंत में सबको खाली हाथ ही जाना पड़ता है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जिन लोगों ने अपने स्वार्थ के लिए पंजाब का सबसे बुरा हाल किया, वे ही आज पंजाब को ‘बचाने’ का ढोंग रच रहे हैं।
