राज्यसभा सांसद संत सीचेवाल ने ठुकराया बागियों का ऑफर: कहा— “पार्टी के साथ बेवफाई है सांसदों का जाना”

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पंजाब डेस्क: आम आदमी पार्टी में मचे घमासान के बीच राज्यसभा सांसद संत बलबीर सिंह सीचेवाल ने एक बड़ा खुलासा किया है। उन्होंने बताया कि पार्टी छोड़ने वाले गुट ने उन्हें भी अपने साथ आने का न्योता दिया था, जिसे उन्होंने सिरे से खारिज कर दिया। आम आदमी पार्टी (AAP) के राज्यसभा सांसदों के हालिया विद्रोह और पार्टी छोड़ने की खबरों के बीच, पद्म श्री संत बलबीर सिंह सीचेवाल ने अपना रुख पूरी तरह स्पष्ट कर दिया है। उन्होंने न केवल पार्टी के प्रति अपनी निष्ठा दोहराई, बल्कि बागी सांसदों के कदम को ‘बेवफाई’ भी करार दिया।

विक्रमजीत साहनी ने किया था फोन

संत सीचेवाल ने बताया कि राज्यसभा सांसद विक्रमजीत सिंह साहनी ने उन्हें फोन कर ‘आजाद समूह’ में शामिल होने का प्रस्ताव दिया था। सीचेवाल ने सात सांसदों द्वारा पार्टी छोड़ने के फैसले पर नाराजगी जताते हुए इसे आम आदमी पार्टी के साथ विश्वासघात बताया। उन्होंने कहा:

“पार्टी ने इन नेताओं पर भरोसा कर इन्हें राज्यसभा भेजा ताकि वे पंजाब के मुद्दे उठा सकें, लेकिन इन्होंने अचानक पार्टी छोड़ दी। राघव चड्ढा और संदीप पाठक जैसे नेताओं ने पंजाब में सत्ता का पूरा सुख भोगा और अब किनारा कर लिया।”

“मुझे पद का कोई लालच नहीं”

सीचेवाल ने स्पष्ट किया कि उन्हें राज्यसभा का पद मुख्यमंत्री भगवंत मान ने स्वयं ऑफर किया था। उन्होंने कहा, “मैंने कभी पद नहीं मांगा और न ही मुझे इसे खोने का डर है। मेरा उद्देश्य सिर्फ सेवा करना है।” जब उनसे पूछा गया कि क्या वे बागियों को ‘गद्दार’ कहेंगे, तो उन्होंने गुरबाणी का हवाला देते हुए कहा कि कठोर शब्द मन को कठोर बनाते हैं, इसलिए वे ऐसे शब्दों के इस्तेमाल से बचते हैं।

कौन हैं संत बलबीर सिंह सीचेवाल? (एक परिचय)

जालंधर के सीचेवाल गांव में जन्मे संत बलबीर सिंह एक प्रसिद्ध पर्यावरणविद और समाज सुधारक हैं। उनके जीवन के कुछ प्रमुख कार्य:

  • काली बेईं की सफाई: साल 2000 में उन्होंने बिना किसी सरकारी मदद के सिर्फ जन-सहयोग से पवित्र ‘काली बेईं’ नदी को पुनर्जीवित किया।

  • समाज सेवा: उन्होंने विदेशों में फंसे 100 से अधिक पंजाबियों की वतन वापसी में मदद की और 2023 व 2025 की भीषण बाढ़ के दौरान हफ्तों तक ग्राउंड जीरो पर राहत कार्यों का नेतृत्व किया।

  • सम्मान: पर्यावरण संरक्षण और समाज सुधार के लिए उन्हें भारत सरकार द्वारा पद्म श्री से सम्मानित किया जा चुका है।

  • विकास कार्य: ‘इक ओंकार चैरिटेबल ट्रस्ट’ के जरिए वे शिक्षा, स्वच्छता और जल आपूर्ति जैसे बुनियादी ढांचे पर काम कर रहे हैं।

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