आदमपुर (जालंधर): मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज पूर्ववर्ती कांग्रेस और अकाली सरकारों पर दलित विरोधी होने का गंभीर आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि दशकों तक पंजाब पर राज करने वाले नेताओं ने पिछड़े वर्गों को जानबूझकर अनपढ़ रखा ताकि वे अपने अधिकारों के प्रति जागरूक न हो सकें।
पिछली सरकारों पर बड़े आरोप
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शिक्षा के साथ खिलवाड़: सीएम मान ने पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल का उदाहरण देते हुए कहा कि 9वीं कक्षा तक फेल न करने की नीति ने विद्यार्थियों की नींव कमजोर की, जिससे वे मैट्रिक में फेल होकर अपना भविष्य बर्बाद कर बैठे।
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स्कॉलरशिप घोटाला: उन्होंने कहा कि पिछली सरकारों ने दलित युवाओं के करियर को कुचल दिया और उनके हिस्से का स्कॉलरशिप फंड हड़प लिया।
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आटा-दाल योजना की राजनीति: सीएम ने आरोप लगाया कि बादलों ने गरीबों को केवल ‘आटा-दाल योजना’ तक सीमित रखा ताकि वे कभी अधिकारी बनकर सशक्त न हो सकें।
‘आप’ सरकार का नया मॉडल: शिक्षा और सम्मान
मुख्यमंत्री ने कहा कि बाबा साहेब के सपनों को साकार करने का एकमात्र रास्ता ‘शिक्षा’ है।
“कोई भी मुफ्त सुविधा गरीबी खत्म नहीं कर सकती, लेकिन गुणवत्तापूर्ण शिक्षा वह चाबी है जो लोगों को गरीबी से बाहर निकालकर अधिकारी बना सकती है।”
‘मावां-धीआं सतिकार योजना’ की शुरुआत
मुख्यमंत्री ने महिलाओं के वित्तीय सशक्तिकरण के लिए नई योजना का ब्योरा दिया:
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वित्तीय सहायता: अनुसूचित जाति की महिलाओं को ₹1,500 और अन्य वर्गों की महिलाओं को ₹1,000 प्रति माह सीधे बैंक खाते में मिलेंगे।
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बजट: इस योजना के लिए सरकार ने ₹9,300 करोड़ का बजट रखा है, जिससे पंजाब की 97% महिलाएं लाभान्वित होंगी।
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विरोधियों को जवाब: सीएम ने तंज कसते हुए कहा कि जो अमीर नेता इस राशि का मजाक उड़ा रहे हैं, वे आम आदमी के लिए ₹1,000 की कीमत नहीं जानते।
महिलाओं से राजनीति में आने का आह्वान
भगवंत मान ने महिलाओं की सामाजिक और राजनीतिक भागीदारी पर जोर देते हुए कहा:
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लड़कियां हर क्षेत्र में लड़कों को पीछे छोड़ रही हैं, लेकिन राजनीति में वे अब भी पीछे हैं।
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उन्होंने अपील की कि घरों को कुशलता से चलाने वाली महिलाओं को अब देश चलाने के लिए भी आगे आना चाहिए।
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उन्होंने लोगों से अपने वोट के अधिकार का सही इस्तेमाल करने और सही नेताओं को विधानसभा व संसद भेजने की अपील की।