चंडीगढ़: प्रगतिशील पंजाब निवेशक सम्मेलन (PPIS)-2026 के दूसरे दिन ‘एयरोस्पेस और डिफेंस’ विषय पर आयोजित विशेष सत्र में पंजाब की औद्योगिक और सामरिक क्षमता पर विस्तार से चर्चा की गई। सत्र की अध्यक्षता करते हुए संसदीय मामलों के मंत्री डॉ. रवजोत सिंह ने जोर देकर कहा कि पंजाब के पास एक ऐसा मजबूत इकोसिस्टम है, जो देश के रक्षा ढांचे को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए पूरी तरह सक्षम है।
डॉ. रवजोत सिंह ने राज्य की बुनियादी सुविधाओं का उल्लेख करते हुए बताया कि पंजाब में 6 सक्रिय हवाई अड्डे, लुधियाना का सेंट्रल टूल रूम और टर्बाइन बैलिस्टिक रिसर्च लेबोरेटरी (TBRL) जैसी अत्याधुनिक सुविधाएं मौजूद हैं। उन्होंने निवेशकों को भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार रक्षा विनिर्माण को बढ़ावा देने के लिए पूरी तरह गंभीर है, जिसका प्रमाण हाल ही में आयोजित विशेष रक्षा सम्मेलन भी है।
सत्र में पूर्व वायु सेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल बी.एस. धनोआ ने भी अपने विचार साझा किए। उन्होंने रक्षा क्षेत्र में महत्वपूर्ण क्षमताओं की पहचान करने और उन्हें सुदृढ़ करने की आवश्यकता पर बल दिया। वहीं, जेएसडब्ल्यू सरबलोह मोटर्स के सीईओ जसकीरत व्लादिमीर सिंह ने सुझाव दिया कि औद्योगिक तर्ज पर रक्षा क्षेत्र के लिए भी ‘सेक्टोरल कमेटियां’ बनाई जानी चाहिए ताकि एमएसएमई (MSME) क्षेत्र को रक्षा निर्माण में अधिक भागीदारी मिल सके।
इन्वेस्ट पंजाब के सीईओ अमित ढाका ने निवेशकों को पंजाब की कार्यप्रणाली से अवगत कराते हुए बताया कि यहाँ ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने घोषणा की कि पंजाब में किसी भी उद्योग के लिए आवश्यक सभी अनुमतियां मात्र 45 दिनों के भीतर प्रदान कर दी जाती हैं। पंजाब का मजबूत विनिर्माण आधार और तेज मंजूरी प्रक्रिया इसे रक्षा क्षेत्र के निवेशकों के लिए पहली पसंद बनाती है।