चंडीगढ़: भारतीय चुनाव आयोग ने आगामी विधानसभा चुनावों (पश्चिम बंगाल, केरल, असम, तमिलनाडु और पुडुचेरी) को निष्पक्ष रूप से संपन्न कराने के लिए पंजाब कैडर के 26 आईएएस और 7 आईपीएस अधिकारियों को महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी है। इन अधिकारियों को जनरल और सुरक्षा ऑब्जर्वर (पर्यवेक्षक) के रूप में तैनात किया गया है।
ये अधिकारी नामांकन प्रक्रिया से लेकर 4 मई को चुनावी नतीजे आने तक संबंधित राज्यों में तैनात रहेंगे।
प्रमुख जिम्मेदारियां और कार्य
पंजाब की मुख्य चुनाव अधिकारी अनिंदिता मित्रा के अनुसार, चुनाव आयोग की यह परंपरा रही है कि पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए दूसरे राज्यों के अधिकारियों को तैनात किया जाए। इन पर्यवेक्षकों की मुख्य भूमिका निम्नलिखित होगी:
- नामांकन पत्र भरने से लेकर प्रचार और मतदान तक की निगरानी करना।
- मतगणना प्रक्रिया पर पैनी नजर रखना।
- संबंधित जिलों के डिप्टी कमिश्नरों और रिटर्निंग अधिकारियों के साथ समन्वय बिठाना।
कहां किसकी हुई तैनाती?
पश्चिम बंगाल में सबसे बड़ा दल:
पश्चिम बंगाल में सबसे अधिक अधिकारियों को भेजा गया है। इनमें आईएएस अमित ढाका, अरविंद कुमार एमके, हरप्रीत सिंह सूदन, अजीत बालाजी जोशी, कुलवंत सिंह, परमिंदरपाल सिंह, रामवीर, शौकत अहमद पारे, सैयद सहरिश असगर और वरुण रुजम जैसे प्रमुख नाम शामिल हैं।
तमिलनाडु और केरल की कमान:
तमिलनाडु के लिए घनश्याम थोरी, गुरिंदरपाल सिंह सहोता, परमवीर सिंह, राजीव प्रसार, संदीप कुमार और ओमा शंकर गुप्ता को ऑब्जर्वर नियुक्त किया गया है। वहीं आईपीएस कौस्तुभ शर्मा को भी तमिलनाडु में तैनात किया गया है। केरल में अपनीत रियात और दीप्ति उप्पल को जिम्मेदारी दी गई है।
असम और अन्य राज्य:
असम में तैनात अधिकारियों में सेना अग्रवाल और आईपीएस अलका मीना मुख्य हैं। इसके अलावा राहुल तिवाड़ी, गुरकीरत किरपाल और प्रियंक भारती जैसे वरिष्ठ अधिकारियों को भी विभिन्न चुनावी क्षेत्रों में तैनात किया गया है।
महिला अधिकारियों का विशेष योगदान
इस बार निर्वाचन आयोग ने महिला अधिकारियों पर विशेष भरोसा जताया है। कुल छह महिला अधिकारियों को महत्वपूर्ण मोर्चों पर लगाया गया है:
- केरल: अपनीत रियात और दीप्ति उप्पल।
- पश्चिम बंगाल: सेना अग्रवाल और सोनाली गिरी।
- असम: आईपीएस अलका मीना।