Entertainment Desk: कन्नड़ फिल्म ‘केडी: द डेविल’ का गाना ‘सरके चुनर’ इन दिनों विवादों के केंद्र में है। अश्लील बोल और आपत्तिजनक सामग्री के आरोपों के बाद इस गाने को सभी डिजिटल प्लेटफॉर्म्स और यूट्यूब से हटा दिया गया है। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने भी मेकर्स को नोटिस जारी किया था। अब इस पूरे घमासान पर फिल्म के डायरेक्टर प्रेम की पत्नी और मशहूर एक्ट्रेस रक्षिता अपने पति के बचाव में उतरी हैं।

गाने पर मचे बवाल के बीच रक्षिता ने इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट साझा कर अपनी बात रखी है। उन्होंने गाने का विरोध करने वालों को आईना दिखाते हुए कुछ तीखे सवाल किए हैं।
रक्षिता का तर्क: ‘चोली के पीछे’ सही तो यह क्यों गलत?
रक्षिता ने अपने पोस्ट में लोगों की दोहरी मानसिकता (Double Standards) पर हमला बोला। उन्होंने सवाल किया कि जब भारतीय सिनेमा में ‘चोली के पीछे’, ‘पीलिंग्स’ और ‘ड्रीमम वेकअपम’ जैसे गाने सुपरहिट हो सकते हैं और लोग उन्हें पसंद करते हैं, तो फिर ‘सरके चुनर’ को ही निशाना क्यों बनाया जा रहा है?
उन्होंने आगे लिखा, “आजकल के दर्शक खुद हिंसा और बोल्ड कंटेंट की तरफ झुकाव रखते हैं। जब फिल्मों में खुलेआम यौन संबंधों की बातें होती हैं, तब किसी को बुरा नहीं लगता, लेकिन एक गाना इतनी बड़ी खबर बन जाता है।” रक्षिता ने स्पष्ट किया कि वह गाने का अंधाधुंध बचाव नहीं कर रही हैं, बल्कि यह समझने की कोशिश कर रही हैं कि विरोध का मापदंड क्या है।
गीतकार ने झाड़ा पल्ला
इससे पहले गाने के गीतकार रकीब आलम ने भी इस विवाद से खुद को अलग कर लिया था। उन्होंने दावा किया कि ये बोल उनके मौलिक विचार नहीं थे। रकीब के अनुसार, फिल्म के डायरेक्टर ने उनसे कन्नड़ भाषा के मूल गाने का शब्द-दर-शब्द (Word-to-Word) हिंदी अनुवाद करवाया था, इसलिए वे इन विवादित बोलों के लिए जिम्मेदार नहीं हैं।
मामले की वर्तमान स्थिति
-
डिजिटल बैन: भारी विरोध और कानूनी नोटिस के बाद मेकर्स ने गाने को ऑनलाइन हटा लिया है।
-
कानूनी कार्रवाई: मानवाधिकार आयोग की दखल के बाद मेकर्स की मुश्किलें बढ़ गई हैं।
-
इंडस्ट्री की प्रतिक्रिया: रक्षिता के बयान ने सोशल मीडिया पर एक नई बहस छेड़ दी है कि क्या वाकई दर्शकों और सेंसरशिप के पैमाने अलग-अलग फिल्मों के लिए अलग हैं।