लखनऊ (गोमतीनगर): मशहूर बॉलीवुड अभिनेत्री दिव्या दत्ता ने महिलाओं के अधिकारों और वैवाहिक संबंधों में ‘सहमति’ (Consent) को लेकर बेहद गंभीर और जरूरी आवाज उठाई है। अपनी आगामी वेब सीरीज ‘चिरैया’ के प्रमोशन के लिए बुधवार को लखनऊ पहुंचीं दिव्या ने समाज की उस खोखली मानसिकता पर चोट की, जहाँ शादी के बाद पत्नी की इच्छा को गौण मान लिया जाता है।
हर ‘हां’ का मतलब रजामंदी नहीं
होटल में मीडिया से मुखातिब होते हुए दिव्या दत्ता ने स्पष्ट शब्दों में कहा, “समाज को यह समझना होगा कि हर ‘हां’ वास्तव में दिल से दी गई सहमति नहीं होती। अक्सर सामाजिक दबाव और घरेलू परिस्थितियां महिलाओं को चुप रहने पर मजबूर कर देती हैं। पति को यह समझना चाहिए कि शादी उसे शारीरिक संबंध बनाने का ‘खुला लाइसेंस’ नहीं देती। पत्नी की सहमति हर हाल में अनिवार्य है।”
वैवाहिक दुष्कर्म: एक कड़वी हकीकत
दिव्या और सीरीज के निर्देशक शशांक शाह ने इस बात पर जोर दिया कि वैवाहिक दुष्कर्म (Marital Rape) एक वास्तविकता है जिसे समाज अक्सर अनदेखा कर देता है। दिव्या ने कहा कि जब तक हम इस कड़वे सच को स्वीकार नहीं करेंगे, तब तक महिलाओं की स्थिति में जमीनी सुधार संभव नहीं है। वेब सीरीज ‘चिरैया’ इसी रूढ़िवादी सोच और बंद कमरों की प्रताड़ना के खिलाफ एक आवाज है।
म्यूजिक इंडस्ट्री पर उठाए सवाल
चर्चा के दौरान दिव्या ने संगीत जगत में महिलाओं के चित्रण पर भी अपनी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने नोरा फतेही और गायक बादशाह के हालिया विवादित गीतों का जिक्र करते हुए कहा कि मनोरंजन के नाम पर ऐसी चीजें पेश नहीं की जानी चाहिए जो समाज को आहत करें या महिलाओं की गरिमा को कम करती हों।