Haryana Desk: हरियाणा की राजनीति में महिलाओं की भागीदारी और संगठन की मजबूती को लेकर रविवार को चंडीगढ़ में एक बड़ा आयोजन हुआ। हरियाणा महिला कांग्रेस की नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष पर्ल चौधरी ने औपचारिक रूप से अपना कार्यभार संभाल लिया है। प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में आयोजित इस शपथ ग्रहण समारोह में पार्टी के तमाम दिग्गज नेताओं ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। समारोह में न केवल संगठन की मजबूती पर चर्चा हुई, बल्कि पार्टी के भीतर महिलाओं को टिकट वितरण में नजरअंदाज किए जाने का मुद्दा भी जोर-शोर से उठा।
प्रमुख नेताओं की मौजूदगी
इस शपथ ग्रहण समारोह में कांग्रेस के कई बड़े चेहरे एक साथ नजर आए:
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राव नरेंद्र सिंह (प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष)
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भूपेंद्र सिंह हुड्डा (पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष)
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अल्का लांबा (राष्ट्रीय अध्यक्ष, महिला कांग्रेस)
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सांसद: दीपेंद्र हुड्डा, रणदीप सुरजेवाला और वरुण मुलाना।
भाषण में फिसली जुबान
अपने संबोधन के दौरान पर्ल चौधरी की जुबान अचानक फिसल गई। उन्होंने गलती से राहुल गांधी को ‘पूर्व प्रधानमंत्री और बलिदानी’ कह दिया। हालांकि, उन्हें तुरंत अपनी गलती का अहसास हुआ और उन्होंने सुधार करते हुए स्पष्ट किया कि उनका आशय स्व. राजीव गांधी से था।
अपनों को ही आईना: “बेटी-बहू” और “टिकट” पर सवाल
कार्यक्रम में सबसे ज्यादा चर्चा उन बयानों की रही, जिन्होंने पार्टी की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए:
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पूनम चौहान (मंच संचालक): उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि चुनावों में ऐसा नहीं होना चाहिए कि सिर्फ ‘अमुक’ नेता की बेटी या बहू को ही चुनाव लड़ाया जाए। इस बयान पर जमकर तालियां बजीं।
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गीता भुक्कल (विधायक): उन्होंने दर्द बयां करते हुए कहा कि आंदोलनों में तो महिलाओं को सबसे आगे रखा जाता है, लेकिन जब चुनाव में टिकट देने की बारी आती है, तो उन्हें पीछे कर दिया जाता है।
नेताओं के सुझाव और प्रतिक्रियाएं
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भूपेंद्र सिंह हुड्डा: उन्होंने कहा कि पर्ल चौधरी के नेतृत्व में महिला कांग्रेस एक मजबूत कड़ी बनेगी और जनता के बीच अपनी प्रभावी भूमिका निभाएगी।
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रणदीप सुरजेवाला: उन्होंने सुझाव दिया कि महिला आरक्षण की स्थिति स्पष्ट करने के लिए कांग्रेस को बड़े स्तर पर सम्मेलनों का आयोजन करना चाहिए।
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सुधा भारद्वाज: पूर्व अध्यक्ष ने जोर दिया कि हमारे पास जनता से जुड़े मुद्दों की कमी नहीं है, बस उन्हें पुरजोर तरीके से उठाने की जरूरत है।