नमस्ते दोस्तों, स्वागत है आपके अपने चैनल MSTV India पर, जहां हम लाते हैं सियासत की सबसे गर्मागर्म खबरें, वो भी बिल्कुल अनफिल्टर्ड! आज हम बात करेंगे हरियाणा कांग्रेस के उस सियासी तूफान की, जो रणदीप सुरजेवाला, कुमारी शैलजा और चौधरी बीरेंद्र सिंह को लेकर मचा हुआ है।रणदीप सुरजेवाला और कुमारी शैलजा की सालों पुरानी जोड़ी टूट गई? और चौंकाने वाली बात – कुमारी शैलजा ने अब चौधरी बीरेंद्र सिंह का समर्थन क्यों किया? क्या है इस सियासी ड्रामे का असली राज?
रणदीप और शैलजा की जोड़ी टूट गई?
दोस्तों, रणदीप सुरजेवाला और कुमारी शैलजा – ये दो नाम हरियाणा कांग्रेस की रीढ़ माने जाते हैं। दोनों ने मिलकर ना सिर्फ हरियाणा में, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर भी कांग्रेस को मजबूती दी। रणदीप की रणनीति और शैलजा का जनाधार – ये जोड़ी थी अजेय! लेकिन हाल की खबरों ने सबको चौंका दिया।क्या वाकई में इन दोनों के बीच दरार आ गई है? सूत्रों की मानें तो हरियाणा कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष पद को लेकर इन दोनों के बीच तनाव बढ़ रहा है। रणदीप सुरजेवाला का नाम इस रेस में सबसे आगे था, लेकिन अब कुमारी शैलजा ने एक ऐसा दांव चला है, जिसने सियासी गलियारों में हड़कंप मचा दिया।
हरियाणा में कांग्रेस की अंदरूनी गुटबाजी कोई नई बात नहीं है। भूपेंद्र सिंह हुड्डा का कैंप पहले से ही मजबूत रहा है, और रणदीप को शैलजा खेमे का रणनीतिकार माना जाता था। लेकिन अब खबरें हैं कि शैलजा ने रणदीप को पीछे छोड़ते हुए चौधरी बीरेंद्र सिंह का समर्थन किया है। आखिर क्यों?
बीरेंद्र सिंह और शैलजा में “नया गठजोड़?
दोस्तों, चौधरी बीरेंद्र सिंह – ये नाम हरियाणा की सियासत में एक बड़ा वजन रखता है। लेकिन सवाल ये है कि शैलजा ने अचानक बीरेंद्र सिंह को क्यों चुना?कहा जा रहा है कि शैलजा, बीरेंद्र सिंह के अनुभव और उनके जाट समुदाय में प्रभाव को देखते हुए, उन्हें प्रदेश अध्यक्ष के लिए समर्थन दे रही हैं। बीरेंद्र सिंह पहले बीजेपी में थे, लेकिन 2024 में वो कांग्रेस में शामिल हो गए। उनका ये कदम तब और अहम हो गया, जब उनके बेटे बृजेंद्र सिंह को हिसार से टिकट नहीं मिला, जिसके बाद बीरेंद्र ने अपने समर्थकों की मीटिंग बुलाई।शैलजा का ये कदम रणदीप के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है। लेकिन क्या ये सिर्फ सियासी रणनीति है, या फिर शैलजा और रणदीप के बीच कोई पुराना मनमुटाव सामने आ रहा है?
दोस्तों, अब बड़ा सवाल ये है कि हरियाणा कांग्रेस का भविष्य क्या होगा? अगर शैलजा और बीरेंद्र सिंह की जोड़ी मजबूत होती है, तो क्या रणदीप सुरजेवाला बैकफुट पर चले जाएंगे? या फिर भूपेंद्र हुड्डा का कैंप फिर से बाजी मार लेगा?
हरियाणा कांग्रेस में क्या होगा आगे?
2024 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की हार के बाद, पार्टी के अंदर मंथन शुरू हो गया है। शैलजा के समर्थक भूपेंद्र हुड्डा को हार का जिम्मेदार ठहरा रहे हैं, जबकि रणदीप ने अभी तक खुलकर किसी का पक्ष नहीं लिया। लेकिन अब, शैलजा का बीरेंद्र सिंह को समर्थन देना एक नया सियासी समीकरण बना रहा है।क्या ये नया गठजोड़ हरियाणा कांग्रेस को नई ताकत देगा, या फिर ये गुटबाजी पार्टी को और कमजोर कर देगी?
दोस्तों, अब आपकी बारी! आप क्या सोचते हैं? क्या शैलजा का बीरेंद्र सिंह को समर्थन देना सही है, या ये कांग्रेस के लिए नुकसानदायक साबित होगा? क्या रणदीप सुरजेवाला इस सियासी जंग में वापसी करेंगे? कमेंट बॉक्स में अपनी राय जरूर बताएं!
