हरियाणा राज्यसभा चुनाव: कांग्रेस ने कर्मवीर बौद्ध को बनाया उम्मीदवार, BJP की ओर से संजय भाटिया भरेंगे पर्चा

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Haryana Desk: हरियाणा राज्यसभा चुनाव 2026 के लिए सियासी समीकरण पूरी तरह साफ हो गए हैं। कांग्रेस ने चौंकाने वाला फैसला लेते हुए अंबाला के पूर्व प्रशासनिक अधिकारी (ADO) कर्मवीर सिंह बौद्ध को अपना उम्मीदवार बनाया है, जबकि भाजपा ने अपने कद्दावर नेता और पूर्व सांसद संजय भाटिया पर भरोसा जताया है।

आज (गुरुवार) नामांकन का आखिरी दिन है। यदि कोई तीसरा उम्मीदवार मैदान में नहीं आता है, तो दोनों सीटों पर निर्विरोध निर्वाचन तय है।

कांग्रेस के ‘सरप्राइज कार्ड’ कर्मवीर सिंह बौद्ध

राहुल गांधी की पसंद माने जाने वाले कर्मवीर सिंह बौद्ध का यह पहला चुनाव है। उनके चयन के पीछे कई महत्वपूर्ण कारण माने जा रहे हैं:

  • SC चेहरा और सामाजिक सक्रियता: वे अनुसूचित जाति वर्ग से आते हैं और ‘संविधान बचाओ अभियान’ के सक्रिय सदस्य रहे हैं। वाई पूरन कुमार सुसाइड केस के दौरान हुए आंदोलन में भी वे अग्रणी रहे थे।

  • प्रशासनिक अनुभव: वे हरियाणा सिविल सचिवालय में एडिशनल डिस्ट्रिक्ट ऑफिसर (ADO) रह चुके हैं। सचिवालय में खरीद-फरोख्त और केयरटेकर की जिम्मेदारी संभालने के दौरान एक विवाद में उन्हें सस्पेंड भी किया गया था, जिसके चलते वे बिना प्रमोशन ही रिटायर हुए।

  • गुटबाजी से दूर: कर्मवीर कांग्रेस के किसी खास खेमे (हुड्डा या एसआरके गुट) से नहीं जुड़े हैं, जिससे वे एक ‘न्यूट्रल’ उम्मीदवार के रूप में उभरे हैं।

पार्टी में हलचल: कर्मवीर के नाम ने कांग्रेस के भीतर हलचल मचा दी है। विशेषकर OBC धड़ा, जो राव दान सिंह के लिए पैरवी कर रहा था, इस फैसले से असहज नजर आ रहा है।

भाजपा के संकटमोचक संजय भाटिया

भाजपा ने करनाल के पूर्व सांसद संजय भाटिया को राज्यसभा भेजकर उनकी निष्ठा का इनाम दिया है।

  • रिकॉर्ड जीत का इतिहास: 2019 के लोकसभा चुनाव में संजय भाटिया ने देशभर में दूसरी सबसे बड़ी जीत दर्ज की थी। उन्होंने 6.5 लाख से अधिक वोटों के अंतर से कांग्रेस उम्मीदवार को हराया था।

  • संगठन के प्रति वफादारी: 2024 में जब मनोहर लाल खट्टर के लिए उनका लोकसभा टिकट काटा गया और बाद में विधानसभा चुनाव में भी मौका नहीं मिला, तब भी वे संगठन के लिए पूरी मजबूती से काम करते रहे।

  • पुराना जुड़ाव: कॉलेज के दिनों में ABVP से करियर शुरू करने वाले भाटिया हरियाणा खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड के अध्यक्ष भी रह चुके हैं।

चुनाव का गणित

  • नामांकन: गुरुवार दोपहर 3 बजे तक।

  • वोटिंग की संभावना: यदि तीसरा उम्मीदवार नहीं आता है, तो भाजपा और कांग्रेस को 1-1 सीट मिलना तय है।

  • पेच: यदि कोई तीसरा प्रत्याशी आता है, तो 16 मार्च को मतदान होगा।

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