चंडीगढ़: हरियाणा सरकार ने हिसार एयरपोर्ट को एक बड़ा औद्योगिक और मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल (कैबिनेट) की बैठक में अमृतसर-कोलकाता इंडस्ट्रियल कॉरिडोर (AKIC) परियोजना के तहत 2,988 एकड़ जमीन के ट्रांसफर पर लगने वाली स्टांप ड्यूटी और रजिस्ट्रेशन शुल्क को पूरी तरह से माफ करने की मंजूरी दे दी गई है।

यह जमीन नेशनल इंडस्ट्रियल कॉरिडोर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड (NICDC) को सौंपी जाएगी, जहां एक भव्य ‘इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर’ (IMC) विकसित किया जाएगा।

दो चरणों में होगा जमीन का ट्रांसफर

इस महात्वाकांक्षी परियोजना को दो अलग-अलग चरणों में पूरा किया जाएगा:

सरकार को होगा ₹132.41 करोड़ का वित्तीय भार (छूट)

सरकार के इस फैसले से उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए कुल 132.41 करोड़ रुपये का शुल्क माफ किया गया है। इसमें शामिल हैं:

क्या होगा इस फैसले का फायदा?

हिसार में इस इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर के विकसित होने से क्षेत्र की तस्वीर पूरी तरह बदल जाएगी:

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