चंडीगढ़: हरियाणा सरकार ने राज्य के सरकारी कर्मचारियों के लिए पेंशन को लेकर एक बड़ा और बेहद महत्वपूर्ण फैसला किया है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट (मंत्रिमंडल) की बैठक में कर्मचारियों को यूनिफाइड पेंशन स्कीम (UPS) से दोबारा नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) में स्विच करने यानी विकल्प बदलने की एकमुश्त (एक बार) सुविधा देने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई है।
क्या हैं इस नई व्यवस्था के नियम और शर्तें?
हरियाणा सरकार ने इस सुविधा का लाभ उठाने के लिए कुछ जरूरी नियम और समय-सीमा तय की है:
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1 अगस्त 2025 से लागू है UPS: केंद्र सरकार ने देश में यूपीएस (UPS) को 1 अप्रैल 2025 से लागू किया था, जबकि हरियाणा सरकार ने इसे राज्य में 1 अगस्त 2025 से प्रभावी किया था।
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कब तक बदल सकते हैं विकल्प? यूपीएस चुन चुके कर्मचारी अपनी सेवानिवृत्ति (Retirement) से ठीक एक वर्ष पहले तक कभी भी वापस एनपीएस (NPS) में जाने का विकल्प चुन सकते हैं।
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विकल्प न बदलने पर क्या होगा? यदि कोई कर्मचारी तय की गई इस समय-सीमा के भीतर अपना विकल्प नहीं बदलता है, तो वह स्थायी रूप से यूपीएस (UPS) व्यवस्था के तहत ही बना रहेगा।
इन कर्मचारियों को नहीं मिलेगा इस सुविधा का लाभ
कैबिनेट के फैसले के मुताबिक, यह नियम सभी कर्मचारियों पर समान रूप से लागू नहीं होगा। निम्नलिखित श्रेणी के कर्मचारियों को एनपीएस में वापस जाने की छूट नहीं दी जाएगी:
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जिन्हें सेवा (सर्विस) से बर्खास्त (Dismiss) किया जा चुका है।
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जिन्हें सरकार द्वारा जबरन सेवानिवृत्त (Compulsory Retire) किया गया है।
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जिन कर्मचारियों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई के तहत भारी जुर्माना लगाया गया है।
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जिनके खिलाफ वर्तमान में कोई विभागीय जांच (Departmental Inquiry) लंबित या चल रही है।