Punjab Desk: पंजाब वेयरहाउस कॉरपोरेशन के जिला मैनेजर गगनदीप सिंह रंधावा की आत्महत्या के मामले में बड़ी कार्रवाई हुई है। आरोपी पूर्व मंत्री लालजीत भुल्लर को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। भुल्लर ने मंडी गोबिंदगढ़ में खुद को पुलिस के हवाले (सरेंडर) किया, जिसके बाद मुख्यमंत्री भगवंत मान ने भ्रष्टाचार और कानून को लेकर कड़ा रुख अपनाया है।
मुख्यमंत्री भगवंत मान का सख्त संदेश
इस गिरफ्तारी पर प्रतिक्रिया देते हुए मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया पर स्पष्ट कर दिया कि उनकी सरकार में किसी को भी विशेष छूट नहीं मिलेगी। उन्होंने लिखा कि मेरे लिए पूरा पंजाब एक परिवार की तरह है। कानून तोड़ने वाला व्यक्ति चाहे किसी भी ऊंचे पद पर हो या कितना भी रसूखदार, उसके खिलाफ सख्त एक्शन लिया जाएगा। उन्होंने साफ कहा कि किसी को भी बचाना उनकी पार्टी का एजेंडा नहीं है और रिश्वतखोरी को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
लालजीत भुल्लर ने क्या कहा?
गिरफ्तारी से पहले भुल्लर ने अपनी सफाई में कहा कि उनके भागने की खबरें महज अफवाहें थीं। उन्होंने फेसबुक पर पोस्ट लिखकर बताया कि उन्हें देश के कानून और न्याय व्यवस्था पर पूरी श्रद्धा है। उन्होंने कहा कि वह सच्चाई का सामना करने के लिए तैयार हैं और इसीलिए उन्होंने खुद मंडी गोबिंदगढ़ में सरेंडर करने का फैसला किया।
क्या था पूरा मामला?
यह विवाद तब शुरू हुआ जब अमृतसर में तैनात जिला प्रबंधक गगनदीप सिंह रंधावा ने जहर खाकर अपनी जान दे दी। अपनी मौत से पहले रंधावा ने एक वीडियो जारी किया था, जिसमें उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्व मंत्री लालजीत भुल्लर उन्हें लगातार प्रताड़ित कर रहे थे। इस गंभीर आरोप और वीडियो के सामने आने के बाद मुख्यमंत्री के निर्देश पर भुल्लर ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था।