चंडीगढ़: पंजाब के खेल इतिहास में एक नया स्वर्णिम अध्याय जुड़ने जा रहा है क्योंकि मुख्यमंत्री भगवंत मान ने राज्य को पहली बार किसी बड़े अंतरराष्ट्रीय हॉकी टूर्नामेंट की मेजबानी मिलने की पुष्टि की है। आगामी ‘एशियन चैंपियंस ट्रॉफी’ का आयोजन अक्टूबर के अंतिम सप्ताह से नवंबर के पहले सप्ताह के बीच पंजाब की धरती पर किया जाएगा। मुख्यमंत्री मान, जिनके पास खेल मंत्रालय का प्रभार भी है, ने पत्रकारों से बातचीत के दौरान बताया कि इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट में एशिया की दिग्गज टीमें शिरकत करेंगी। प्रतियोगिता के मुख्य मुकाबले पंजाब के दो प्रमुख खेल केंद्रों, मोहाली और जालंधर के मैदानों में खेले जाएंगे, जिससे स्थानीय खिलाड़ियों और खेल प्रेमियों में जबरदस्त उत्साह देखा जा रहा है।
इस हाई-प्रोफाइल टूर्नामेंट में भारत के साथ-साथ पाकिस्तान, दक्षिण कोरिया, जापान और चीन जैसी मजबूत टीमों का शामिल होना लगभग तय है, जबकि शेष टीमों का चयन आगामी एशियन गेम्स के प्रदर्शन के आधार पर किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने पंजाब के समृद्ध खेल इतिहास का जिक्र करते हुए कहा कि गुरु साहिबानों के समय से ही राज्य में शारीरिक फिटनेस और युद्ध कलाओं को प्रोत्साहन मिलता रहा है। उन्होंने गुरु अंगद देव जी द्वारा अखाड़ों को बढ़ावा देने से लेकर गुरु गोबिंद सिंह जी के समय में गतका और शस्त्र विद्या के विस्तार का उदाहरण देते हुए बताया कि पंजाब की रगों में खेल रचे-बसे हैं। आधुनिक खेलों में भी पंजाब का दबदबा कायम है, जिसका सबसे बड़ा प्रमाण टोक्यो ओलंपिक 2021 में भारतीय हॉकी टीम द्वारा 41 साल बाद जीता गया पदक है, जिसमें कप्तान सहित 9 खिलाड़ी पंजाब से ही थे।
सरकार की योजना इस अंतरराष्ट्रीय आयोजन के जरिए राज्य के ग्रामीण इलाकों के बच्चों को खेलों के प्रति प्रेरित करने की है। टूर्नामेंट के लाइव टेलीकास्ट से युवा खिलाड़ियों को वैश्विक स्तर की तकनीक और प्रतिस्पर्धा को करीब से देखने का अवसर मिलेगा। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने भरोसा दिलाया कि उनकी सरकार इस आयोजन को यादगार बनाने के लिए बुनियादी ढांचे और तैयारियों पर पूरा जोर दे रही है। इस मेगा इवेंट के सफल आयोजन से न केवल पंजाब की खेल संस्कृति को मजबूती मिलेगी, बल्कि अंतरराष्ट्रीय मानचित्र पर पंजाब एक प्रमुख स्पोर्ट्स डेस्टिनेशन के रूप में भी उभरेगा।