Punjab Desk: चंडीगढ़ प्रशासन बुधवार को वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए ज़मीन और प्रॉपर्टी के नए कलेक्टर रेट की सूची जारी करने जा रहा है। हालांकि इस बार बढ़ोतरी को पिछले साल के मुकाबले नियंत्रित रखा गया है, लेकिन फिर भी रिहायशी और कमर्शियल संपत्तियों की कीमतों में उछाल आना तय है। नए रेट 1 अप्रैल 2026 से पूरे शहर में लागू कर दिए जाएंगे।
खेती की जमीन 40% तक होगी महंगी
प्रस्तावित बदलावों के अनुसार, कृषि भूमि (Agricultural Land) के कलेक्टर रेट में सबसे ज्यादा यानी करीब 40% तक की बढ़ोतरी हो सकती है। इसके अलावा, रिहायशी (Residential), व्यावसायिक (Commercial) और ग्रामीण क्षेत्रों की जमीनों के रेट में 20 से 30% तक की वृद्धि की संभावना जताई गई है।
1 अप्रैल से लागू होंगी नई दरें
प्रशासन ने कलेक्टर रेट में संशोधन के प्रस्ताव को हरी झंडी दे दी है। ये नई दरें 1 अप्रैल 2026 से प्रभावी हो जाएंगी। नए रेट लागू होने के बाद चंडीगढ़ में घर या दुकान खरीदना पहले के मुकाबले काफी महंगा हो जाएगा।
पिछले साल की गलती से लिया सबक
पिछले साल प्रशासन ने रिहायशी प्रॉपर्टी के रेट ढाई गुना तक बढ़ा दिए थे, जिसके कारण निवेशकों ने चंडीगढ़ के बजाय मोहाली और पंचकूला का रुख कर लिया था। इसी घाटे से सबक लेते हुए इस बार बढ़ोतरी को सीमित रखा गया है ताकि शहर का रियल एस्टेट मार्केट प्रभावित न हो।
कैटेगरी सिस्टम में नहीं हुआ कोई बदलाव
शहरवासियों और प्रॉपर्टी डीलरों की लंबे समय से मांग थी कि रिहायशी इलाकों को अलग-अलग श्रेणियों (Categories) में बांटकर रेट तय किए जाएं। हालांकि, प्रशासन ने फिलहाल इस व्यवस्था में कोई बदलाव नहीं किया है और पुराने सिस्टम के आधार पर ही रेट बढ़ाए गए हैं।