Punjab Desk: अमृतसर के प्रसिद्ध बॉडी बिल्डर वरिंदर सिंह घुम्मन की मौत के मामले में पंजाब सरकार ने एक बड़ा फैसला लेते हुए जांच दोबारा शुरू करने के आदेश दिए हैं। इस हाई-प्रोफाइल मामले की निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने वरिष्ठ डॉक्टरों का एक नया राज्य स्तरीय पैनल गठित किया है, जो अगले 15 दिनों में अपनी विस्तृत रिपोर्ट सौंपेगा।
गौरतलब है कि इससे पहले स्थानीय स्तर पर गठित कमेटी ने अपनी रिपोर्ट में फोर्टिस अस्पताल के डॉक्टरों को लापरवाही का दोषी पाया था। इसी रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने अस्पताल के चार वरिष्ठ डॉक्टरों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी। हालांकि, इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) ने इस जांच प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए विरोध दर्ज कराया था कि कमेटी में उनका कोई प्रतिनिधि शामिल नहीं था।
डॉक्टरों के भारी विरोध और आईएमए की अपील के बाद, स्वास्थ्य विभाग ने अब इस नई कमेटी में आईएमए के सदस्य डॉ. राकेश अरोड़ा समेत चंडीगढ़ और पटियाला मेडिकल कॉलेज के कई दिग्गज विशेषज्ञों को शामिल किया है। यह पैनल अब नए सिरे से इलाज की पूरी प्रक्रिया, अस्पताल की भूमिका और मौत के सटीक कारणों की गहनता से पड़ताल करेगा।
बता दें कि 9 अक्टूबर 2025 को अमृतसर के फोर्टिस अस्पताल में इलाज के दौरान वरिंदर सिंह घुम्मन का शरीर अचानक नीला पड़ गया था और उनकी मृत्यु हो गई थी। परिजनों ने शुरू से ही इसे डॉक्टरों की गंभीर लापरवाही बताया था। अब नई कमेटी की जांच के बाद ही साफ हो पाएगा कि उस दिन अस्पताल में असल में क्या हुआ था और क्या दर्ज की गई एफआईआर के आधार पर कार्रवाई आगे बढ़ेगी।