Haryana Desk: नए वित्तीय वर्ष (2026-27) की शुरुआत के साथ ही नेशनल हाईवे और एक्सप्रेस-वे पर सफर करने वालों की जेब पर बोझ बढ़ने वाला है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने टोल टैक्स की दरों में औसतन 5 प्रतिशत की बढ़ोतरी को मंजूरी दे दी है। यह नई दरें मंगलवार रात 12 बजे से प्रभावी हो जाएंगी।
इन प्रमुख रूटों पर पड़ेगा सीधा असर टोल की कीमतों में हुई इस वृद्धि का सबसे ज्यादा असर दिल्ली-एनसीआर के यात्रियों पर पड़ेगा। विशेष रूप से:
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दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे: सराय काले खां से मेरठ तक का सफर अब पहले से महंगा होगा।
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दिल्ली-गुरुग्राम (खेड़की दौला): गुरुग्राम के इस व्यस्त टोल प्लाजा पर निजी और कमर्शियल वाहनों के लिए प्रति ट्रिप शुल्क बढ़ा दिया गया है।
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KMP एक्सप्रेस-वे: कुंडली-मानेसर-पलवल रूट का इस्तेमाल करने वाले लाखों यात्रियों का मासिक बजट अब बढ़ जाएगा।
क्यों बढ़े दाम?
NHAI के अधिकारियों के अनुसार, टोल दरों में यह बदलाव थोक मूल्य सूचकांक (WPI) में हुए उतार-चढ़ाव के आधार पर किया गया है। नियमों के मुताबिक, हर साल वित्तीय वर्ष की शुरुआत में थोक महंगाई दर के हिसाब से टोल दरों की समीक्षा की जाती है।
माल ढुलाई और आम आदमी पर मार
टोल बढ़ने का सबसे बड़ा असर कमर्शियल वाहनों (ट्रक और ट्रेलर) पर पड़ेगा। ट्रांसपोर्ट यूनियनों ने आशंका जताई है कि परिवहन लागत बढ़ने से फल, सब्जी और अन्य आवश्यक वस्तुओं की कीमतों में भी मामूली उछाल आ सकता है।
स्थानीय निवासियों के लिए नए नियम
टोल प्लाजा के 20 किलोमीटर के दायरे में रहने वाले स्थानीय निवासियों को मिलने वाली राहत भी अब महंगी हो गई है। उनके मासिक पास की दर, जो पहले लगभग ₹330 थी, उसे बढ़ाकर अब ₹345 से ₹350 के बीच कर दिया गया है।