Haryana Desk: ईरान और इजराइल के बीच गहराते युद्ध के संकट ने हरियाणा के नूंह (मेवात) जिले के परिवारों की नींद उड़ा दी है। नूंह के दो होनहार युवा पिछले दो वर्षों से ईरान में एमबीबीएस (MBBS) की पढ़ाई कर रहे हैं। युद्ध की भीषण खबरों के बीच इन छात्रों के परिजन अब उनकी सुरक्षा को लेकर खासे चिंतित हैं।
परिजनों की बढ़ी धड़कनें
नूंह के रायपुरी गांव के रहने वाले जिया उर रहमान मार्च 2023 से ईरान में मेडिकल की शिक्षा ले रहे हैं। जिया के पिता शमशुद्दीन और उनके परिवार ने बताया कि हालांकि कल फोन पर हुई बातचीत में जिया ने खुद को सुरक्षित बताया है, लेकिन टीवी और सोशल मीडिया पर युद्ध के दृश्यों को देखकर घरवाले बेहद डरे हुए हैं। जिया के अलावा जिले के एक अन्य गांव का युवक भी वहीं शिक्षा ग्रहण कर रहा है।
सरकार से सुरक्षित वापसी की गुहार
जिया उर रहमान की माता और परिजनों ने केंद्र व राज्य सरकार से मार्मिक अपील की है:
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विशेष निगरानी: सरकार ईरान में फंसे भारतीय छात्रों की सुरक्षा पर कड़ी नजर रखे।
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सुरक्षित निकासी: यदि हालात और बिगड़ते हैं, तो छात्रों को सुरक्षित भारत लाने के लिए तुरंत पुख्ता इंतजाम किए जाएं।
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दूतावास से संपर्क: परिजनों की मांग है कि भारतीय दूतावास लगातार छात्रों के संपर्क में रहे ताकि किसी भी आपात स्थिति में मदद मिल सके।
दुआओं का दौर शुरू
नूंह जिले में इन दोनों छात्रों की सलामती के लिए दुआएं मांगी जा रही हैं। परिजनों का कहना है कि वे हर पल फोन से चिपके रहते हैं ताकि अपने बच्चों की आवाज सुन सकें, लेकिन युद्ध के अनिश्चित माहौल ने उन्हें मानसिक रूप से परेशान कर दिया है।
