बटाला: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज बटाला में संत त्रिलोचन दास जी महाराज के 38वें गुरुगद्दी दिवस के अवसर पर आयोजित नशा विरोधी जागरूकता कार्यक्रम को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने पंजाब को पूरी तरह नशा मुक्त और सुरक्षित बनाने के लिए अपनी सरकार की अटूट प्रतिबद्धता दोहराई।
नशे और संगठित अपराध के खिलाफ ‘निर्णायक युद्ध’
मुख्यमंत्री ने बताया कि पंजाब सरकार द्वारा शुरू किया गया “युद्ध नशियां विरुद्ध” अभियान अब एक जन आंदोलन का रूप ले चुका है। इसके कुछ प्रमुख आंकड़े और सफलताएं इस प्रकार हैं:
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तस्करों पर नकेल: पिछले 437 दिनों के भीतर 63,707 से अधिक नशा तस्करों को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेजा गया है।
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आर्थिक प्रहार: नशों की कमाई से खड़ी की गई अवैध संपत्तियों को ज़ब्त करने और गिराने की कार्रवाई जारी है, ताकि तस्करी के नेटवर्क की रीढ़ तोड़ी जा सके।
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गैंगस्टर विरोधी अभियान: “गैंगस्टरों ते वार” अभियान के तहत पिछले 112 दिनों में संगठित अपराध के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की गई है।
बेअदबी के खिलाफ सख्त कानून: एक ऐतिहासिक कदम
मुख्यमंत्री ने ‘जागत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सतिकार (संशोधन) अधिनियम 2026’ का विशेष उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि गुरु साहिब की कृपा से उन्हें इस ऐतिहासिक कानून को लागू करने का अवसर मिला है, जिसमें बेअदबी करने वालों के लिए कठोरतम सजा का प्रावधान है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पंजाब की शांति भंग करने की किसी भी साजिश को सफल नहीं होने दिया जाएगा।
जनकल्याण और सशक्तिकरण की नई योजनाएं
भगवंत मान ने अपनी सरकार की उन योजनाओं पर भी प्रकाश डाला जो सीधे तौर पर आम जनता के जीवन में बदलाव ला रही हैं:
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स्वास्थ्य सुरक्षा: मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना के तहत पंजाब के सभी 65 लाख परिवारों को हेल्थ कार्ड जारी किए जा रहे हैं, जिससे हर परिवार को सालाना 10 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज मिलेगा।
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महिला सशक्तिकरण: ‘मांवां-धियां सतिकार योजना’ के जरिए अनुसूचित जाति की महिलाओं को 1,500 रुपये और अन्य वर्गों की महिलाओं को 1,000 रुपये प्रति माह की आर्थिक सहायता सीधे उनके बैंक खातों में दी जाएगी।
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मुफ्त बिजली और रोजगार: राज्य के 90 प्रतिशत घरों को मुफ्त बिजली मिल रही है और अब तक 65,000 से अधिक युवाओं को बिना किसी भ्रष्टाचार के सरकारी नौकरियां दी गई हैं।
बुनियादी ढांचे और कृषि में सुधार
मुख्यमंत्री ने कहा कि लोगों के टैक्स का पैसा अब भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ने के बजाय विकास कार्यों पर खर्च हो रहा है। उन्होंने बताया कि टोल प्लाजा बंद होने से जनता को रोजाना करीब 70 लाख रुपये की बचत हो रही है। साथ ही, पंजाब के इतिहास में पहली बार किसानों को खेती के लिए दिन के समय निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की गई है।