चंडीगढ़: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने राज्य के किसानों के लिए आगामी धान सीजन (पडी सीजन) की विस्तृत कार्ययोजना साझा की है। सरकार ने इस बार सिंचाई और बिजली प्रबंधन को सुचारु बनाने के लिए पूरे राज्य को चार अलग-अलग जोनों में बांटने का फैसला किया है।
धान की रोपाई और सीधी बुवाई का शेड्यूल
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि पारंपरिक तरीके से धान की रोपाई 1 जून से शुरू होगी, लेकिन जो किसान सीधी बुवाई (DSR) करना चाहते हैं, उनके लिए प्रक्रिया 15 मई से शुरू हो जाएगी।
-
प्रोत्साहन: सीधी बुवाई अपनाने वाले किसानों को विशेष रूप से 8 घंटे बिना किसी कट के बिजली और पर्याप्त नहरी पानी की आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी।
बिजली आपूर्ति के लिए 4 जोनों का वर्गीकरण
भीषण गर्मी में बिजली ग्रिड पर दबाव कम करने के लिए रोपाई की तारीखों को जोनों के हिसाब से तय किया गया है:
-
पहला जोन (1 जून से): सीधी बुवाई करने वाले किसानों और सीमावर्ती क्षेत्रों के लिए विशेष प्राथमिकता।
-
दूसरा जोन (1 जून से): गुरदासपुर, पठानकोट, अमृतसर, तरनतारन, रूपनगर, मोहाली, फतेहगढ़ साहिब और होशियारपुर।
-
तीसरा जोन (5 जून से): फरीदकोट, फिरोजपुर, बठिंडा, मुक्तसर और फाजिल्का।
-
चौथा जोन (9 जून से): लुधियाना, मलेरकोटला, मानसा, मोगा, पटियाला, संगरूर, बरनाला, कपूरथला, जालंधर और शहीद भगत सिंह नगर।
नहरी पानी और भूजल संरक्षण पर बड़ा अपडेट
मुख्यमंत्री मान ने जल प्रबंधन को लेकर उत्साहजनक आंकड़े पेश किए:
-
नहरी बुनियादी ढांचा: पिछले चार वर्षों में सरकार ने पाइपलाइनों और नहरों के नेटवर्क पर 6300 करोड़ रुपये खर्च किए हैं।
-
पानी की उपलब्धता: 1 मई से सभी नहरों में पानी छोड़ दिया जाएगा। हरियाणा द्वारा अतिरिक्त पानी की मांग न किए जाने से पंजाब के पास पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है।
-
भूजल में सुधार: सरकारी प्रयासों के चलते राज्य के कई हिस्सों में भूमिगत जल स्तर 2 से 4 मीटर तक ऊपर आया है।
मुख्यमंत्री की अपील
भगवंत मान ने किसानों से आह्वान किया है कि वे अधिक से अधिक नहरी पानी का उपयोग करें। उन्होंने कहा कि नहरी पानी न केवल फसलों के लिए बेहतर है, बल्कि इससे धरती के गिरते जल स्तर को बचाने में भी मदद मिलेगी। सरकार का लक्ष्य है कि इस सीजन में बिना किसी बाधा के किसानों तक हर जरूरी संसाधन पहुँचाया जाए।