चंडीगढ़: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान आगामी 5 मई को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से मुलाकात करेंगे। इस उच्च-स्तरीय बैठक के दौरान मुख्यमंत्री पंजाब से जुड़े कई संवेदनशील और राष्ट्रीय महत्व के मुद्दों को राष्ट्रपति के समक्ष उठाएंगे।
लोकतांत्रिक मूल्यों और दल-बदल पर कड़ा प्रहार
मुख्यमंत्री मान ने राज्यसभा सदस्यों के पार्टी बदलने के मुद्दे पर गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा:
-
जनादेश का अपमान: जनता और पार्टी के भरोसे पर उच्च सदन (राज्यसभा) भेजे गए जनप्रतिनिधियों का दल बदलना लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए घातक है।
-
संवैधानिक हस्तक्षेप: मुख्यमंत्री इस मामले को संवैधानिक स्तर पर उठाएंगे ताकि जनादेश के साथ होने वाले खिलवाड़ को रोका जा सके। उन्होंने स्पष्ट किया कि पंजाब सरकार इस प्रकरण में सभी कानूनी विकल्पों पर विचार कर रही है।
डिपोर्टेशन मामला: CM खुद करेंगे पीड़ितों की अगवानी
ऑस्ट्रेलिया से भारतीय नागरिकों को वापस भेजे जाने (डिपोर्ट) के मामले पर मुख्यमंत्री ने सक्रियता दिखाई है।
-
आंकड़े: कुल 15 लोगों को डिपोर्ट किया जा रहा है, जिनमें 11 पंजाब से, 2 तेलंगाना से, 1 हरियाणा से और 1 उत्तराखंड से हैं (कुल योग में मामूली भिन्नता के बावजूद मुख्य ध्यान पंजाब के नागरिकों पर है)। इनमें एक महिला भी शामिल है।
-
जांच का भरोसा: मुख्यमंत्री स्वयं दिल्ली जाकर इन लोगों को रिसीव करेंगे। पंजाब लौटने पर इस बात की गहन जांच होगी कि इनके साथ धोखाधड़ी तो नहीं हुई। दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का भरोसा दिया गया है।
पटियाला ब्लास्ट: केंद्रीय एजेंसियों के साथ जांच जारी
पटियाला में रेलवे लाइन के पास हुए हालिया विस्फोट पर मुख्यमंत्री ने सख्त तेवर अपनाए हैं:
-
गिरफ्तारी: मुख्यमंत्री ने बताया कि मामले की जांच केंद्रीय एजेंसियों के सहयोग से की जा रही है और कुछ संदिग्धों को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है।
-
जीरो टॉलरेंस: मान ने स्पष्ट किया कि कानून व्यवस्था सरकार की प्राथमिकता है। कुछ नाम सामने आए हैं, लेकिन अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने पर ही सार्वजनिक किया जाएगा। उन्होंने दोहराया कि दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।