चंडीगढ़: पंजाब विधानसभा के बजट सत्र में आज सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच जबरदस्त टकराव देखने को मिला। सदन की कार्यवाही शुरू होते ही शुरू हुई तीखी बयानबाजी के कारण ‘शून्य काल’ (Zero Hour) पूरी तरह हंगामे की भेंट चढ़ गया।
विवाद की मुख्य जड़: ‘बंधुआ मजदूर’ टिप्पणी
विवाद की शुरुआत तब हुई जब वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कांग्रेस विधायक सुखपाल सिंह खैहरा के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। चीमा के गुस्से के पीछे ये कारण रहे:
-
अपमानजनक संबोधन: चीमा का आरोप है कि खैहरा ने उन्हें ‘बंधुआ मजदूर’ कहकर संबोधित किया है।
-
सख्त मांग: वित्त मंत्री ने मांग की कि खैहरा सदन में बिना शर्त माफी मांगें, अन्यथा उनकी सदस्यता रद्द की जाए।
-
निजी हमले: सत्ता पक्ष के विधायकों ने खैहरा के आचरण, उनकी डिग्रियों की वैधता और उनकी मानसिक स्थिति पर भी सवाल उठाए।
विपक्ष का बचाव और निंदा प्रस्ताव
विपक्ष के नेता प्रताप सिंह बाजवा ने सुखपाल सिंह खैहरा का मजबूती से बचाव किया:
-
बाजवा ने तर्क दिया कि किसी भी फैसले से पहले सदस्य (खैहरा) को अपना पक्ष रखने का मौका दिया जाना चाहिए।
-
उन्होंने मुख्यमंत्री के खिलाफ निंदा प्रस्ताव लाने की कोशिश की, जिसे स्पीकर ने यह कहते हुए खारिज कर दिया कि विपक्ष केवल अपने सदस्य को ‘शील्ड’ (बचाव) करने की कोशिश कर रहा है।
वेल में उतरीं महिला विधायक, सदन स्थगित
हंगामा उस वक्त चरम पर पहुँच गया जब आम आदमी पार्टी की महिला विधायक सदन के बीचों-बीच (वेल) में आकर नारेबाजी करने लगीं। स्थिति को अनियंत्रित होते देख स्पीकर ने सदन की कार्यवाही को 20 मिनट के लिए स्थगित कर दिया।
