जालंधर: जालंधर के व्यस्ततम गांधी कैंप इलाके के समीप स्थित एफसीआई (FCI) गोदाम के पास बुधवार को उस समय सनसनी फैल गई, जब झाड़ियों के बीच एक व्यक्ति का शव बरामद हुआ। स्थानीय लोगों ने जब शव को देखा तो तुरंत इसकी सूचना पुलिस को दी। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर इलाके को सील कर दिया और शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी।
मृतक की शिनाख्त गढ़ा निवासी शिबू पुत्र अशोक के रूप में हुई है। जैसे ही शिबू की मौत की खबर उसके घर पहुंची, परिजनों में चीख-पुकार मच गई। मौके पर पहुंचे परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। पुलिस ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए हैं और आसपास के लोगों से पूछताछ की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि शिबू इस सुनसान जगह पर कैसे पहुंचा।
मृतक की बुआ दीपा ने बताया कि शिबू शहर के संविधान चौक के पास एक दुकान में सीट कवर बनाने का काम करता था। उन्होंने भावुक होते हुए बताया कि करीब 7-8 महीने पहले शिबू का अपने परिवार के साथ किसी बात को लेकर विवाद हो गया था, जिसके बाद वह अपनी बुआ के पास आकर रहने लगा था। हालांकि, कुछ समय पहले ही समझौता होने के बाद वह वापस गढ़ा स्थित अपने घर रहने गया था। बुआ दीपा के मुताबिक, शिबू की इस तरह अचानक और संदिग्ध मौत की खबर ने पूरे परिवार को झकझोर कर रख दिया है।
पुलिस ने कागजी कार्रवाई पूरी करने के बाद शव को सिविल अस्पताल के शवगृह (मोर्चुरी) में रखवा दिया है। जांच अधिकारियों का कहना है कि मौत के असली कारणों का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही होगा। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि शरीर पर किसी तरह के चोट के निशान हैं या नहीं। यह हत्या है या कोई अन्य कारण, इस पर अभी पुलिस कुछ भी बोलने से बच रही है।
मामले की तह तक जाने के लिए पुलिस प्रशासन अब तकनीकी साक्ष्यों का सहारा ले रहा है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जाएगी ताकि शिबू की गतिविधियों का पता चल सके। इसके अलावा, शिबू के मोबाइल फोन की कॉल डिटेल्स (CDR) भी निकाली जा रही है ताकि यह साफ हो सके कि मौत से पहले वह किसके संपर्क में था और उसे वहां किसने बुलाया था।
