गुरुग्राम। अपराधियों के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ (Zero Tolerance) की नीति अपनाते हुए गुरुग्राम पुलिस ने एक बहुत बड़ी कार्रवाई की है। 4 जून से 10 जून के बीच क्राइम ब्रांच की टीमों ने शहर के अलग-अलग इलाकों में ताबड़तोड़ एक्शन लेते हुए चार आदतन अपराधियों के आर्थिक नेटवर्क को पूरी तरह नेस्तनाबूद कर दिया। पुलिस ने अपराध की कमाई से खड़ी की गई लगभग 5 करोड़ रुपये मूल्य की अवैध संपत्तियों पर बुलडोजर चलाकर उन्हें मिट्टी में मिला दिया।
50 से अधिक मुकदमों वाले अपराधियों पर कड़ा एक्शन
यह सख्त कार्रवाई उन शातिर बदमाशों के खिलाफ की गई है, जिन्होंने समाज में खौफ पैदा कर रखा था:
-
गंभीर धाराओं में केस: इन आरोपियों के खिलाफ चोरी, नशा तस्करी (ड्रग्स स्मगलिंग), जबरन वसूली (अवैध वसूली), हत्या के प्रयास, मारपीट और आर्म्स एक्ट जैसे गंभीर मामलों में 50 से अधिक मुकदमे दर्ज हैं।
-
काले धन से बनाया था साम्राज्य: पुलिस जांच में सामने आया कि इन बदमाशों ने अपराध से कमाए काले धन के दम पर अवैध मकान, दुकानें और निर्माण खड़े कर लिए थे।
-
दबदबे का अंत: इन संपत्तियों का इस्तेमाल ये अपराधी इलाके में अपनी धाक जमाने और अवैध गतिविधियों को चलाने के लिए कर रहे थे।
गुरुग्राम पुलिस का अब तक का स्कोर: 32 अपराधी निशाने पर
क्राइम ब्रांच की यह कार्रवाई केवल यहीं रुकने वाली नहीं है:
-
गुरुग्राम क्राइम ब्रांच अब तक कुल 32 कुख्यात अपराधियों के खिलाफ इसी तरह की बुलडोजर कार्रवाई कर चुकी है।
-
पुलिस ने साफ कर दिया है कि यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा ताकि अपराधियों के हौसले पूरी तरह पस्त किए जा सकें।
पुलिस की दो टूक चेतावनी: “अपराध छोड़ो या गुरुग्राम छोड़ो”
कानून का राज: पुलिस अधिकारियों का संदेश बिल्कुल साफ और सीधा है—गुरुग्राम में अपराध और भूमाफियागिरी के लिए कोई जगह नहीं है। बदमाशों के सामने अब केवल दो ही रास्ते बचे हैं; या तो वे अपराध का रास्ता पूरी तरह छोड़ दें, या फिर शहर छोड़कर चले जाएं।
जनता ने किया फैसले का स्वागत
समाज को पूरी तरह भयमुक्त और सुरक्षित बनाने के लिए उठाए गए इस कदम की आम जनता ने जमकर सराहना की है। लोगों का मानना है कि शहर में शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए अपराधियों की आर्थिक रीढ़ तोड़ना बेहद जरूरी था।