चंडीगढ़: हरियाणवी गायक मासूम शर्मा एक बार फिर विवादों के घेरे में हैं। देहरादून के डीएवी कॉलेज में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान मंच से अभद्र भाषा का प्रयोग करने और सार्वजनिक मर्यादा को तार-तार करने के आरोपों पर हरियाणा राज्य महिला आयोग ने कड़ा रुख अपनाया है। आयोग की चेयरपर्सन रेणु भाटिया ने मासूम शर्मा को नोटिस जारी कर 18 अप्रैल को व्यक्तिगत रूप से आयोग के समक्ष उपस्थित होने के निर्देश दिए हैं।
महिला आयोग की सख्त टिप्पणी
आयोग ने मासूम शर्मा को भेजे समन में स्पष्ट किया है कि एक सार्वजनिक व्यक्ति (पब्लिक फिगर) द्वारा इस तरह की अभद्र भाषा का प्रयोग न केवल उनके निजी चरित्र पर प्रश्नचिह्न लगाता है, बल्कि यह महिलाओं की गरिमा और समाज की मर्यादा के लिए भी बेहद आपत्तिजनक और चिंता का विषय है। गौरतलब है कि इससे पहले भी मासूम शर्मा के विवादित गानों को लेकर हरियाणा पुलिस उन पर कार्रवाई कर चुकी है, जिसके बाद से उनके सार्वजनिक कार्यक्रमों में व्यवहार को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं।
क्या था पूरा मामला?
बीते शनिवार, 11 अप्रैल को देहरादून के डीएवी कॉलेज में मासूम शर्मा का कॉन्सर्ट था। इस कार्यक्रम में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और खानपुर विधायक उमेश कुमार समेत कई गणमान्य व्यक्ति मौजूद थे। आरोप है कि मुख्यमंत्री के जाने के बाद मासूम शर्मा ने मंच से ही सार्वजनिक रूप से गालियां देनी और अभद्र भाषा का इस्तेमाल शुरू कर दिया। उन्होंने अपने साथी कलाकार अजय हुड्डा के साथ मिलकर आपत्तिजनक टिप्पणी की, जिससे वहां मौजूद शिक्षक और छात्र स्तब्ध रह गए।
मासूम शर्मा ने मांगी माफी
मामले के तूल पकड़ने और सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद मासूम शर्मा ने सफाई देते हुए एक वीडियो जारी किया है। उन्होंने दावा किया कि उन्हें और उनकी टीम को किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा धमकी मिल रही थी, जिसके चलते वे मानसिक तनाव में थे। गायक ने कहा, “स्टेज पर निकला मेरा गुस्सा गलती से निकल गया। अगर मेरे शब्दों से किसी भाई या बहन की भावनाओं को ठेस पहुंची है, तो मैं उसके लिए माफी चाहता हूं।”
फिलहाल, माफी के बावजूद आयोग ने उनके आचरण को गंभीरता से लेते हुए कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है। अब सभी की निगाहें 18 अप्रैल को होने वाली आयोग की सुनवाई पर टिकी हैं।