भिवानी बेल्ट में BJP की नई बिसात: बंसीलाल की विरासत के सहारे सीएम सैनी का ‘मिशन विस्तार’

Haryana

चंडीगढ़: हरियाणा की राजनीति में कभी ‘लौह पुरुष’ चौधरी बंसीलाल का अभेद्य गढ़ माने जाने वाले भिवानी-चरखी दादरी क्षेत्र में अब भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का नया सूरज उग रहा है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी इस क्षेत्र में भाजपा की पकड़ को और अधिक अभेद्य बनाने के लिए सुनियोजित रणनीतियों पर काम कर रहे हैं, जिसमें वे सामाजिक संतुलन और राजनीतिक समीकरणों को विशेष प्राथमिकता दे रहे हैं।

श्रुति चौधरी को आगे लाना: एक बड़ा राजनीतिक संदेश

इस रणनीति का सबसे स्पष्ट संकेत मुख्यमंत्री सैनी और श्रुति चौधरी की हालिया यात्रा से मिला, जब सीएम उन्हें दादरी रैली के लिए अपने साथ विमान में ले गए। बंसीलाल परिवार की अगली पीढ़ी की प्रतिनिधि श्रुति चौधरी को मिल रहा यह महत्व केवल एक सम्मान नहीं, बल्कि एक गहरा राजनीतिक संकेत है। इसके जरिए भाजपा उस पारंपरिक वोट बैंक को अपने साथ जोड़ने की कोशिश कर रही है, जो दशकों तक बंसीलाल परिवार के प्रति निष्ठावान रहा।

तीन ‘लाल’ से आगे: भाजपा का नया दौर

हरियाणा की राजनीति लंबे समय तक चौधरी देवीलाल, भजनलाल और बंसीलाल के इर्द-गिर्द सिमटी रही। भाजपा ने सत्ता में आकर मनोहर लाल खट्टर के नेतृत्व में एक ‘चौथा लाल’ (भाजपा की स्थिरता) स्थापित किया और अब मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी इसी विरासत को आगे बढ़ाते हुए भाजपा के विस्तार को नई ऊंचाई दे रहे हैं।

संतुलन की राजनीति: जातीय और क्षेत्रीय समीकरण

मुख्यमंत्री सैनी की कार्यशैली में ‘सबका साथ’ का भाव स्पष्ट है। अहीरवाल से लेकर बांगड़ बेल्ट तक, वे न केवल संगठन को मजबूत कर रहे हैं, बल्कि स्थानीय कद्दावर नेताओं को उचित सम्मान देकर सामाजिक और भौगोलिक संतुलन भी साध रहे हैं। किरण चौधरी द्वारा श्रुति चौधरी को अपना राजनीतिक उत्तराधिकारी घोषित करने के बाद, भाजपा ने उन्हें जिस तरह हाथों-हाथ लिया है, वह भिवानी क्षेत्र में भाजपा की स्थिति को और अधिक मजबूत करेगा।

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