चंडीगढ़/एम्स्टर्डम: पंजाब को औद्योगिक रूप से और अधिक सशक्त बनाने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री भगवंत मान शनिवार देर शाम नीदरलैंड के लिए रवाना हुए। एम्स्टर्डम पहुँचने पर भारत के राजदूत कुमार तुहीन ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। मुख्यमंत्री का यह एक सप्ताह का दौरा राज्य में विदेशी निवेश आकर्षित करने और अंतरराष्ट्रीय साझेदारियों को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
आज की बैठकों का मुख्य एजेंडा
19 अप्रैल को मुख्यमंत्री एम्स्टर्डम में दुनिया की दिग्गज कंपनियों के प्रतिनिधियों और प्रमुख उद्योगपतियों के साथ राउंड टेबल बैठकें करेंगे। इन बैठकों में मुख्य रूप से निम्नलिखित क्षेत्रों पर चर्चा होगी:
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फूड प्रोसेसिंग और कृषि तकनीक
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लॉजिस्टिक्स और स्टील
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फार्मास्यूटिकल्स (दवा उद्योग) और आईटी सेक्टर
मुख्यमंत्री के साथ इस महत्वपूर्ण दौरे पर उद्योग मंत्री संजीव अरोड़ा और मुख्य सचिव केएपी सिन्हा भी मौजूद हैं, जो निवेश के प्रस्तावों को अंतिम रूप देने में मदद करेंगे।
इंडो-डच सहयोग और पंजाब का भविष्य
नीदरलैंड पहले से ही भारत में निवेश करने वाले प्रमुख देशों में से एक है। पंजाब और नीदरलैंड के बीच विशेष रूप से कृषि और खाद्य प्रसंस्करण में गहरा तालमेल रहा है। राज्य में पहले से संचालित ‘इंडो-डच सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ इसका बड़ा उदाहरण है। सरकार की कोशिश है कि इस सहयोग को और अधिक विस्तार दिया जाए ताकि राज्य के युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा हों।
वैश्विक स्तर पर पंजाब की ब्रांडिंग
मुख्यमंत्री भगवंत मान इससे पहले जर्मनी, जापान और दक्षिण कोरिया जैसे देशों का दौरा कर पंजाब में निवेश की जमीन तैयार कर चुके हैं। आगामी विधानसभा चुनावों से पहले, यह अंतरराष्ट्रीय दौरा मान सरकार की आर्थिक रणनीति का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। सरकार का लक्ष्य पंजाब को देश के अग्रणी औद्योगिक हब के रूप में स्थापित करना है।