लुधियाना: राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की टीम ने बुधवार को लुधियाना के पक्खोवाल रोड स्थित खालिस्तान विरोधी कार्यकर्ता गुरसिमरन सिंह मंड के घर दबिश दी। करीब डेढ़ घंटे तक चली इस उच्च स्तरीय पूछताछ के दौरान एनआईए के अधिकारियों ने पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी और उसके आतंकी नेटवर्क से जुड़े अहम साक्ष्य जुटाए। मंड को पिछले काफी समय से अंतरराष्ट्रीय नंबरों से धमकियां मिल रही थीं, जिसे लेकर केंद्रीय एजेंसियां अब पूरी तरह सतर्क हैं।
गुरसिमरन सिंह मंड ने खुलासा किया कि उन्हें अक्टूबर 2025 में लगातार कई फोन कॉल्स आए थे, जिनमें खुद को शहजाद भट्टी का गुर्गा बताने वाले व्यक्ति ने खौफनाक मंसूबों का जिक्र किया था। धमकी देने वाले ने कहा था कि उनके निशाने पर अयोध्या का श्री राम मंदिर और जालंधर के प्राचीन मंदिर हैं। इन धमकियों का सिलसिला 7 अक्टूबर से शुरू होकर 25 अक्टूबर तक जारी रहा, जिसमें मंड के घर पर हैंड ग्रेनेड फेंकने की बात भी कही गई थी।
पूछताछ के दौरान मंड ने एनआईए को बताया कि इन धमकियों का संबंध हरियाणा के सिरसा जिले के रानियां थाने पर हुए हैंड ग्रेनेड हमले से भी जुड़ा हो सकता है। जांच में यह संकेत मिले हैं कि हमले में इस्तेमाल हैंड ग्रेनेड अमृतसर से हासिल किया गया था। मंड ने इस संबंध में पुलिस को पहले ही सूचित कर दिया था, जिसके बाद अब एनआईए ने मामले की कमान संभालते हुए आरोपियों के पूरे नेटवर्क और डेटा को अपने कब्जे में ले लिया है।
एनआईए की टीम ने मंड के मोबाइल फोन से संदिग्ध नंबरों और धमकी भरे संदेशों का पूरा डेटा कॉपी कर लिया है। अधिकारियों ने मंड को भरोसा दिलाया है कि पाकिस्तान से संचालित इस गैंगस्टर-आतंकी गठजोड़ को जड़ से खत्म किया जाएगा। टीम ने अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट मुख्यालय भेज दी है और मंड को आगे की तफ्तीश के लिए एनआईए के क्षेत्रीय कार्यालय में भी तलब किया गया है।
लगातार मिल रही धमकियों और एनआईए की इस बड़ी कार्रवाई के बाद गुरसिमरन सिंह मंड की सुरक्षा को लेकर भी चर्चाएं तेज हो गई हैं। मंड ने पहले भी कई बार दावा किया है कि वह नशा तस्करों और कट्टरपंथियों के निशाने पर हैं। एनआईए अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि पंजाब में छिपे कौन से स्थानीय गुर्गे पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी के संपर्क में हैं और हथियारों की सप्लाई में मदद कर रहे हैं।
