Haryana Desk: हरियाणा के बहादुरगढ़ में पुलिस ने मानवता को शर्मसार करने वाले एक बड़े बच्चा चोर और तस्करी गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने एक महिला समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके चंगुल से महज तीन दिन का नवजात बच्चा सकुशल बरामद किया है। इस गिरोह के तार पंजाब से लेकर महाराष्ट्र तक जुड़े हुए हैं।
कैसे हत्थे चढ़े आरोपी?
बहादुरगढ़ के डीसीपी मयंक मिश्रा ने बताया कि गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान गाजियाबाद निवासी सलीम और अखिल के रूप में हुई है, जबकि तीसरी आरोपी पंजाब के मुक्तसर की रहने वाली बेअंत कौर है। यह गिरोह तीन दिन के बच्चे को पंजाब के फरीदकोट से खरीद कर लाया था और उसे दिल्ली में बेचने की फिराक में था, तभी पुलिस ने उन्हें धर दबोचा।
लाखों का सौदा और शातिर नेटवर्क
पुलिस जांच में इस गिरोह की कार्यप्रणाली को लेकर चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं:
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बड़ा मुनाफा: आरोपियों ने इस नवजात बच्चे को फरीदकोट से करीब सवा दो लाख रुपये में खरीदा था और दिल्ली में एक निसंतान दंपति से इसका सौदा 9 लाख 25 हजार रुपये में तय किया था।
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सोशल मीडिया का जाल: यह गिरोह फेसबुक और इंस्टाग्राम जैसे प्लेटफॉर्म के जरिए उन निसंतान दंपतियों को टारगेट करता था जो बच्चा गोद लेना चाहते थे।
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नर्सों की मिलीभगत: गिरोह का नेटवर्क काफी पेशेवर है। फरार मुख्य सरगना की पत्नी और गिरफ्तार महिला आरोपी की बेटी पेशे से नर्स हैं, जो अस्पताल के संपर्कों का इस्तेमाल कर बच्चों की तस्करी में मदद करती थीं।
प्रोफेशनल बैकग्राउंड और पूर्व की वारदातें
पकड़े गए आरोपियों में से सलीम एक किराना स्टोर चलाता है, जबकि अखिल सीएससी (Common Service Centre) संचालक है। पुलिस के अनुसार यह पांच सदस्यों का गिरोह है जिसका सरगना फिलहाल फरार है। शुरुआती पूछताछ में पता चला है कि यह गिरोह अब तक पांच वारदातों को अंजाम दे चुका है और इनके तार महाराष्ट्र तक फैले हुए हैं।
बरामदगी और अगली कार्रवाई
बहादुरगढ़ पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से तस्करी में इस्तेमाल की जाने वाली दो गाड़ियां और कई महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद किए हैं। फिलहाल पुलिस फरार सरगना की तलाश में छापेमारी कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि इस गिरोह ने अब तक और कितने बच्चों की तस्करी की है।