चंडीगढ़: पंजाब की पंथक राजनीति से इस वक्त की एक बहुत बड़ी और सनसनीखेज खबर सामने आ रही है। शिरोमणि अकाली दल (बादल) के दिग्गज नेता और लुधियाना के बड़े कारोबारी मनप्रीत सिंह अयाली ने अकाली दल के सभी पदों से इस्तीफा देने का आधिकारिक ऐलान कर दिया है। इसके साथ ही उन्होंने अपने राजनीतिक भविष्य को लेकर एक बहुत बड़ी घोषणा की है। अयाली ने साफ कर दिया है कि वे आने वाले समय में न तो भाजपा (BJP), न बादल अकाली दल और न ही आम आदमी पार्टी (AAP) का हिस्सा बनेंगे।

श्री अकाल तख्त साहिब के हुक्मनामे के बाद से ही शिरोमणि अकाली दल के भीतर मचे घमासान के बीच अयाली का यह कदम सुखबीर सिंह बादल के धड़े के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है।

विवाद की वजह: बंटी रोमाणा और अयाली के बीच जुबानी जंग

दरअसल, श्री अकाल तख्त साहिब के फैसले के बाद जब शिरोमणि अकाली दल में आंतरिक फूट पड़ी, तो मनप्रीत सिंह अयाली ने पार्टी से अलग राह चुनने का फैसला किया। इसके बाद से ही सुखबीर बादल के बेहद करीबी नेता परमबंस सिंह बंटी रोमाणा ने अयाली पर सीधे हमले शुरू कर दिए थे।

अयाली का पलटवार: “बंटी रोमाणा सफेद झूठ बोलकर गुमराह कर रहे हैं”

बंटी रोमाणा के आरोपों पर पलटवार करते हुए मनप्रीत सिंह अयाली ने एक वीडियो जारी कर आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। अयाली ने पूरे मामले पर सफाई देते हुए कहा:

लुधियाना और पंथक सियासत पर असर

मनप्रीत सिंह अयाली लुधियाना के एक बेहद रसूखदार और बड़े बिल्डर के रूप में जाने जाते हैं। लुधियाना और आसपास के क्षेत्रों के राजनीतिक गलियारों में अयाली का अच्छा-खासा प्रभाव है। उनके इस इस्तीफे और भविष्य में किसी भी प्रमुख पार्टी में न जाने के एलान के बाद, पंजाब की पंथक राजनीति में नए समीकरण बनने तय माने जा रहे हैं।

राजनीतिक गलियारों की चर्चा: जानकारों का मानना है कि अयाली का यह इस्तीफा अकाली दल के भीतर चल रही लीडरशिप की लड़ाई को और ज्यादा तेज कर देगा। अब देखना यह होगा कि अयाली का अगला कदम क्या होता है और अकाली दल का बागी धड़ा इस पर क्या प्रतिक्रिया देता है।

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